नासा ने ह्यूमन स्पेस मिशन लॉन्च कर रचा इतिहास

 31 May 2020  52

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
तकनिकी क्रांति के इस दौर नासा ने एकबार फिर ह्यूमन स्पेस मिशन लॉन्च कर इतिहास रचने का काम  है. अमेरिका स्पेस एजेंसी नासा ने नौ साल एक बार फिर से इतिहास रच दिया. इस बार नासा ने नासा स्पेसएक्स डेमो-2 मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. स्पेसएक्स की लॉन्चिंग फ्लोरिडा स्थित केप कनवल में जॉन एफ केनेडी स्पेस सेंटर से की गई. बता दें कि अमेरिका ने करीब नौ साल बाद अपनी धरती से स्पेस में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा है. नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्राइडेनस्टीन ने लॉन्चिंग से जुड़ी जानकारी साझा की हैं. बता दें कि जॉन एफ केनेडी से सेंटर से ही पृथ्वी से चांद को छूने वाले मिशन की नींव रखी गई थी. भारतीय समयानुसार आधी रात करीब 12 बजकर 52 मिनट पर नासा के अपने दो अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेसएक्स से इंटरनेशनल स्पेट स्टेशन के लिए उड़ान भरी. इस दौरान अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उप-राष्ट्रपति भी वहीं मौजूद रहे. स्पेसएक्स के उड़ान भरते ही राष्ट्रपति ट्रंप ने ताली बजाकर मिशन के कामयाब होने का संकेत दिया. बता दें कि स्पेसएक्स के साथ नासा के दो अंतरिक्ष यात्री रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ले आईएसएस गए हैं. नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्राइडेनस्टीन ने ट्वीट करके बताया कि 9 साल में पहली बार अब हमने अमेरिकी अतरिक्ष यात्रियों को अमेरिकी रॉकेट के जरिए अमेरिका की धरती से भेजा है. मुझे नासा और स्पेसएक्स टीम पर गर्व है, जिसने हमें इस क्षण को देखने का मौका दिया है. यह एक बहुत अलग तरह की अनुभव है, जब आप अपनी टीम को इस रॉकेट पर देखते हैं. ये हमारी टीम है. यह लॉन्च अमेरिका है. बता दें कि तीन दिन पहले भी स्पेसएक्स को लॉन्च किया जाना था, लेकिन खराब मौसम के चलते इसकी उल्टी गिनती रोक दी गई गई. शनिवार को जब इसे लॉन्च किया जा रहा था तब भी आसमान में बादल छाए हुए थे, लेकिन नासा ने इसे लॉन्च कर इतिहास रच दिया. लॉन्चिंग से पहले दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को पूरी तरह से तैयार किया गया और उसके बाद वो स्पेसएक्स रॉकेट में सवार हुए. काउंटडाउन खत्म होने के साथ ही यान अंतरिक्ष की ओर उड़न भरने लगा.  इससे पहले बुधवार को खराब मौसम की वजह से लॉन्चिंग को तय समय से 16 मिनट पहले टालना पड़ा था. एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का रॉकेट वेटरन ऐस्ट्रोनॉट्स रॉबर्ट बहनकेन और डगलस हर्ले को आईएसएस तक ले जाने के लिए लॉन्च किया गया है. दोनों अंतरिक्ष यात्री 19 घंटे का सफर तय करते हुए इसे लेकर इंटरनैशनल स्पेस सेंटर पहुंचेंगे. साल 2011 में स्पेस शटल प्रोग्राम खत्म होने के बाद पहली बार अमेरिकी ऐस्ट्रोनॉट्स अमेरिका की जमीन से स्पेस में भेजे गए हैं. बता दें कि अभी तक अमेरिका इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर अपने अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के लिए रूस के सोयूज़ का सहारा लेता था. इसके अलावा किसी प्राइवेट कंपनी के रॉकेट से स्पेस जाने का भी यह पहला मौका है.