मुंबई पर अब चक्रवाती तूफ़ान निसर्ग का ख़तरा

 02 Jun 2020  33

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर जिस तरह कोरोना की मार पड़ी है, अब एक नई मुसीबत ने दस्तक दी है. अब मुंबई पर चक्रवात निसर्ग की मार पड़ना शुरु हो गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को निसर्ग चक्रवात महाराष्ट्रर के तटीय इलाकों में दस्तक दे सकता है. जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने मुंबई के साथ-साथ आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात की है और राज्य की तैयारियों का जायजा लिया है. वहीं राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल ने जानकारी दी राज्य के सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले जिलों में नौ दलों को तैनात किया गया है. जिनमें तीन दल मुंबई में, दो पालघर, एक ठाणे, एक रायगढ़, एक रत्नागिरी और एक सिंधुदुर्ग में लगाए गए हैं. निसर्ग चक्रवात से निपटने के लिए एनडीआरएफ महाराष्ट्र सरकार के राहत और पुर्नवास विभाग के साथ मिलकर काम कर रहा है. एनडीआरएफ इन जिलों के स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर पहले से अपनी तैयारी में जुटी है. जिससे चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके और समय रहते लोगों को जरूरत का सामान और सुरक्षा पहुंचाई जा सके. एनडीआरएफ के महानिदेशक एस एन प्रधान ने कहा कि निसर्ग एक भयानक चक्रवात है और 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है. प्रधान ने बताया कि वो अपनी टीम के साथ महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों के आस-पास से लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं. एनडीआरएफ के मुताबिक, इस समय देश में कोरोना वायरस संकट भी चल रहा है, इसलिए हमारी कोशिश यही रहेगी कि इस संकट के दौर में बिजली की कटौती ना हो. वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि मछुवारों को समुद्र से वापस आने के लिए कहा गया है, ताकि इस चक्रवात में किसी एक की भी जान ना जाए. इस बयान में बताया गया कि जो अस्पताल कोरोना वायरस मरीजों का इलाज नहीं कर रहे हैं, उन्हें चक्रवात से प्रभावित लोगों के लिए तैयार किया गया है. बता दें कि सोमवार को भारतीय मौसम विभाग ने चेेतावनी दी थी कि अरब सागर पर कम दवाब बन रहा है और यह अगले 36 घंटों में चक्रवात जैसा रूप ले सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, तीन जून की शाम तक चक्रवात निसर्ग उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटीय इलाकों में दस्तक दे सकता है.