उपहार अग्निकांड में सुप्रीम कोर्ट का फैसला !

 09 Feb 2017  452
ब्यूरो रिपोर्ट / in24 न्यूज़
देश की सर्वोच्च न्यायपालिका ने साल 2015 के फैसले की समीक्षा करते हुए गुरूवार को चर्चित उपहार सिनेमा हादसा मामले में गोपाल अंसल को एक साल की सजा सुनाई है।  इस मामले में माननीय न्यायपालिका ने अंसल को चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। अंसल इस मामले में चार महीने की सजा जेल के अंदर भुगत चुके हैं और शेष 6 महीने की सजा उन्हें जेल के भीतर भुगतनी होगी। हालांकि इस मामले के दूसरे आरोपी सुनील अंसल की उम्र को देखते हुए कोर्ट ने उनकी सजा माफ कर दी है।
इस मामले में महत्वपूर्व ये रहा कि माननीय न्यायपालिका को यह तय करना था कि गोपाल अंसल और सुनील अंसल को सजा दी जाये या फिर अर्थदंड लगाकर उनके जेल की सजा माफ कर दी जाये। आपको बता दें कि उपहार सिनेमा अग्निकांड की घटना को हुए 18 साल बीत गए जिसमे माननीय कोर्ट ने सीबीआई और पीड़ितों की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई पूरी की और फैसले के लिए उसे 14 दिसंबर तक सुरक्षित रख लिया था।
सीबीआई की पुनर्विचार याचिका पर यदि गौर करें तो उसमे कहा गया था कि उसे अपना पक्ष कोर्ट के समक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला, इसलिए न्याय नहीं हो पाया।  सीबीआई ने मांग की थी कि इस मामले पर दोबारा विचार किया जाये। गौरतलब है कि नवंबर 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए 30-30 करोड़ का जुर्माना लगाने का आदेश पारित किया था जिसमे इस बात का उल्लेख भी किया था कि आरोपियों को जुर्माना न देने के एवज में उन्हें 2 साल की सजा दी जाएगी।
आपको बता दें कि फिल्म बॉर्डर के प्रदर्शन के दौरान उपहार सिनेमा में भीषण आग लग गयी थी जिसमे लगभग 59 लोगों की जान चली गयी थी।