राफेल के स्वागत के लिए तैयार है भारतीय वायुसेना

 11 Sep 2019  16
संवाददाता/in24 न्यूज़। 
भारतीय वायुसेना की जो फ्रांस से खरीदे गए राफेल विमान के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है.भारतीय वायुसेना अपने बेड़े में राफेल विमान का स्वागत करने के लिए तैयार है पर इसे देखते हुए वायुसेना ने अपनी गोल्डन एरोज यानी 17 स्क्वॉड्रन को फिर से गठित किया है.जो राफेल विमान उड़ाने वाली पहली यूनिट होगी वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने मंगलवार को अंबाला वायुसेना केंद्र पर आयोजित एक समारोह में हिस्सा लिया और 17स्क्वॉड्रन को फिर से बहाल किया आपको बता दें गोल्डन एरोज को 2016 में बंद कर दिया गया था मिग 21 विमान  को चरणबद्ध तरीके से हटाने के फैसले के बाद  17स्क्वॉड्रन को बंद कर कर दिया गया था  भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से 220 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इंडियन एयर फोर्स का अंबाला एयरबेस अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल का ठिकाना होने जा रहा है. राफेल की पहली स्क्वाड्रन की तैनाती अंबाला में की जाएगी. इस बात के आसार हैं कि पहला राफेल विमान आठ अक्टूबर की इंडियन एयर फोर्स को फ्रांस की कंपनी दासो सौंप देगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहला राफेल विमान लेने के लिए फ्रांस जाएंगे.आठ अक्टूबर वायुसेना के लिए खास दिन है. इस दिन वायुसेना दिवस है और दशहरा भी है और इसी दिन भारत अपना सबसे घातक हथियार लेगा. अंबाला एयरबेस पर पहले से जगुआर और मिग 21 बाइसन तैनात हैं. जगुआर अंदर तक घुसकर मार करने वाला फाइटर विमान है. करगिल जंग के दौरान पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार भगाने वाले मिग 21 का स्क्वाड्रन गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन में राफेल को शामिल किया जाएगा.वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा राफेल का बनने जा रहा 17 स्क्वाड्रन अपनी पुरानी गौरवशाली पंरपरा को कायम रखेगा . 2011 में  गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन को खत्म कर दिया गया था क्योंकि मिग 21 फाइटर विमान रिटायर हो गए थे. अब गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन को राफेल के जरिए फिर से बहाल करने का फैसला लिया गया. अंबाला से राफेल के जरिए पाकिस्तान पर नजर रखी जाएगी तो बंगाल के हाशिमारा बेस से चीन की हरकतों पर राफेल नजर रखेगा.मल्टी रोल लड़ाकू विमान राफेल आसमान में मुकाबला करने के साथ दुश्मन के घर में घुसकर वार करने का माद्दा रखता है. भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस से 36 राफेल विमान करीब 58000 करोड़ में खरीदने का फैसला किया था. राफेल की कीमत को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक गया लेकिन सरकार को क्लीन चिट मिल गई. चरणों मे 2022 तक फ्रांस 36 राफेल विमान भारत को सौंप देगा...