छह जून को होगी चीन और भारत के लेफ्टिनेंट जनरलों की मीटिंग-रक्षामंत्री

 03 Jun 2020  33

संवाददाता/in24 न्यूज़.
चीन की तरफ से लद्दाख में लगातार हरकत की घटनाएं सामने आ रही हैं. चीन के साथ लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव को कम करने के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए भारत और चीन छह जून को सैन्य वार्ता का एक नया दौर शुरू करेंगे, जिसमें वरिष्ठ कमांडर भाग लेंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि उन्हें इस वार्ता के बारे में सूचित कर दिया गया है. उन्होंने माना कि एलएसी के साथ चीनी सेना की अच्छी खासी संख्या है. सूत्रों का कहना है कि अगली बैठक दोनों पक्षों के लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के अधिकारियों के बीच होगी. जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित कोर कमांडर द्वारा किया जाएगा. एक इंटरव्यू में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं समझता हूं कि चीन को भी अब इस संबंध में गंभीरता पूर्वक विचार करना चाहिए ताकि इस विवाद को पूरी तरह से सुलझाया जा सके. राजनाथ सिंह ने बताया कि आज की स्थिति में सैन्य वार्ता चल रही है और संभवतः छह जून को वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के स्तर पर वार्ता होने वाली है. मैंने आज (सेना) प्रमुख और अन्य लोगों से बात की और उन्होंने मुझे सूचित किया है. राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर चीन द्वारा भारत को उकसाया गया तो इसका जवाब दिया जाएगा. रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की एक नीति बहुत ही स्पष्ट है, भारत दुनिया के किसी भी देश के स्वाभिमान पर न चोट पहुंचाना चाहता है और न ही अपने स्वाभिमान पर चोट बर्दाश्त कर सकता है. हमारी नीति बिलकुल स्पष्ट है. इससे जिसको जो अर्थ निकालना हो वो अर्थ निकाल ले. मैं चीन को दुश्मन नहीं मानता, पड़ोसी मानता हूं. जहां तक सोच का प्रश्न है, भारत की सोच ये हमेशा रही है कि हम किसी को दुश्मन नहीं मानते, सभी से बराबर का रिश्ता रखना चाहते हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और चीन के पास समस्या को हल करने के लिए एक तंत्र है और हम उस तंत्र के अनुसार काम कर रहे हैं. अगर बातचीत के जरिए इसे हल किया जा सकता है तो बेहतर हो सकता है. आश्वस्त रहें. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दोनों सेनाओं के प्रमुख जनरल स्तर के अधिकारियों के बीच मंगलवार को एक बैठक हुई थी, जिसमें लेह स्थित 3 माउंटेन डिवीजन के जीओसी द्वारा भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व किया गया था. शनिवार को अगली बैठक दोनों पक्षों के लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के अधिकारियों के बीच होगी, जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह कोर कमांडर द्वारा किया जाएगा.