हैप्पी बर्थडे धरम जी

 08 Dec 2018  127

संवाददाता/in24 न्यूज़. 

हिंदी फिल्मों के हीमैन और लोकप्रिय एक्टर धर्मेंद्र आज अपना 83वां जन्मदिन मना रहे हैं. धरम पाजी ने बचपन से लेकर अब तक सिनेमा को बदलते और बनते देखा है. कभी ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा से आज कलर और थ्रीडी फिल्मों का दौर भी देख लिया. धर्मेंद्र ने अपने करियर में अपनी दमदार एक्टिंग के साथ हिट फिल्में की और आज अपनी एक अलग पहचान बना रखी है. धरम पाजी बचपन से ही फिल्मों के काफी शौक़ीन थे और उनके जीवन का एक ये भी किस्सा है कि उन्होंने एक फिल्म करीब 40 बार देखी है. इनकी पत्नी हेमा मालिनी, पुत्र बॉबी देयोल और सनी देयोल भी फ़िल्मों में काम करते हैं। धर्मेन्द्र 2004 से 2009 तक बीकानेर से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद थे। वे फगवाड़ा में पंजाब राज्य के कपूरथला जिले में पैदा हुए थॆ। धर्मेंद्र नॆ दो बार शादी की और अपनी दोनों पत्नियों को बनाए रखा है।हेमा मालिनी से शादी करने के लिए धर्मेन्द्र ने इस्लाम धर्म अपना लिया। उनकी पहली शादी प्रकाश कौर से 19 वर्ष की उम्र में 1954 में हुई। उनकी दूसरी शादी बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी के साथ हुई। असल में धर्मेन्द्र का गांव जिला लुधिआना के अंतर्गत साहनेवाल है, जो अब कसबे का रूप ले चुका है। धर्मेन्द्र की पढ़ाई फगवाड़ा के आर्य हाई स्कूल एवं रामगढ़िया स्कूल में हुई। 

रोल चाहे फ़िल्म सत्यकाम के सीधे सादे ईमानदार हीरो का हो, फ़िल्म शोले के एक्शन हीरो का हो या फिर फ़िल्म चुपके चुपके के कॉमेडियन हीरो का, सभी को सफलता पूर्वक निभा कर दिखा देने वाले धर्मेंद्र सिंह देओल अभिनय प्रतिभा के धनी कलाकार हैं। 1960 में फ़िल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से अभिनय की शुरुवात करने के बाद पूरे तीन दशकों तक धर्मेंद्र चलचित्र जगत में छाये रहे। केवल मेट्रिक तक ही शिक्षा प्राप्त की थी उन्होंने। स्कूल के समय से ही फ़िल्मों का इतना चाव था कि दिल्लगी (1949) फ़िल्म को 40 से भी अधिक बार देखा था उन्होंने। अक्सर क्लास में पहुंचने के बजाय सिनेमा हॉल में पहुंच जाया करते थे। फ़िल्मों में प्रवेश के पहले रेलवे में क्लर्क थे, लगभग सवा सौ रुपये तनख्वाह थी। 19 साल की उम्र में ही प्रकाश कौर के साथ उनकी शादी भी हो चुकी थी और अभिलाषा थी बड़ा अफसर बनने की।

फ़िल्मफेयर के एक प्रतियोगिता के दौरान अर्जुन हिंगोरानी को धर्मेंद्र पसंद आ गये और हिंगोरानी जी ने अपनी फ़िल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे के लिये 51 रुपये साइनिंग एमाउंट देकर उन्हें हीरो की भूमिका के लिये अनुबंधित कर लिया। पहली फ़िल्म में नायिका कुमकुम थीं। पहली फ़िल्म से कुछ विशेष पहचान नहीं बन पाई थी, इसलिए अगले कुछ साल संघर्ष के बीते। संघर्ष के दिनों में जुहू में एक छोटे से कमरे में रहते थे। फ़िल्म अनपढ़ (1962), बंदिनी (1963) तथा सूरत और सीरत (1963) से लोगों ने उन्हें जाना, पर स्टार बने ओपी रल्हन की फ़िल्म फूल और पत्थर (1966) से। धर्मेंद्र ने 200 से भी अधिक फ़िल्मों में काम किया है, कुछ अविस्मरणीय फ़िल्में हैं अनुपमा, मंझली दीदी, सत्यकाम, शोले, चुपके चुपके आदि। in24 न्यूज़ की तरफ़ से एक्टर धर्मेंद्र को हार्दिक शुभकामनाएं।