कठुआ-उन्नाव गैंगरेप मामले में राजनीतिक घमासान

 13 Apr 2018  20

संवाददाता/in24 न्यूज़

उन्नाव और कठुआ गैंगरेप केस घटना की चर्चा पूरे देश भर में हो रही है। वर्ष २०१२ में भी निर्भया मामले में पूरा देश एकजुट हुआ था और अब इस बार वही मंजर देखा जा रहा है।  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार देर रात दिल्ली के इंडिया गेट पर कैंडल मार्च का ऐलान कर दिया। आधी रात को कांग्रेस के सभी बड़े नेता, राहुल की बहन प्रियंका गांधी अपने परिवार के साथ इंडिया गेट पहुंचे और उन्नाव-कठुआ मामले में इंसाफ की आवाज़ उठाई।

एक तरफ कांग्रेस पार्टी अपना विरोध जाहिर कर रही है तो वहीँ दूसरी ओर कठुआ हत्याकांड में  राज्य सरकार ने सिख समुदाय के दो स्पेशल सरकारी वकील नियुक्त किए हैं। सरकार के इस फैसले से साफ़ है कि वह मामले को लेकर गंभीर है, साथ ही सरकार की ओर से क्राइम ब्रांच जम्मू के चीफ प्रॉसिक्यूटर भूपेंद्र सिंह और सांबा के हरिंद्र सिंह को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डीजीपी ने भी एसएसपी स्तर के दो अधिकारियों को मामले की जांच में लगाया है। वहीं,प्रॉसीक्यूटिंग आफिसर्स की नियुक्ति पर डीजीपी का कहना है कि इस मामले को धर्म से न जोड़ा जाए। बहरहाल ऐसी घटनाओं का बार बार सामने आना महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है कि जिस चौखट में देवियों की पूजा होती है क्या उसी चौखट में वे दरिंदगी का शिकार होती रहेंगी ? आखिर महिला कब अपने आप को महफूज़ समझेगी?