मन की बात में चंद्रयान-2 और जल संरक्षण पर पीएम ने की बात

 28 Jul 2019  66
संवाददाता/in24 न्यूज़।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल की दूसरी 'मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश की जनता को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो द्वारा चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग पर वैज्ञानिकों को बधाई दी। इसके अलवा पीएम मोदी ने कश्मीर के लोगों की भी बात कि जो मुख्य धारा से जुड़ना चाहते हैं। पीएम मोदी ने उन लोगों को चेतावनी भी दी जो विकास की राह में नफरत फैलाने का काम करते हैं.मैं देश के विद्यार्थी दोस्तों, युवा साथियों को एक बहुत ही दिलचस्प प्रतियोगिता के बारे में बताना चाहता हूं। आपको जिसमे में हिस्सा लेना होगा, सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करने होंगे। ईनाम के रूप में सर्वाधिक स्कोर करने वाले बच्चों को 7 सितंबर को श्रीहरिकोटा में चंद्रयान 2 की लैडिंग के क्षण का साक्षी बनने का मौका मिलेगा। मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि चंद्रयान-2 पूरी तरह से स्वदेशी मिशन था। चंद्रयान-2 की तस्वीरों ने देशवासियों को गौरव से भर दिया। मुझे पूरा विश्वास है कि आपको अंतरिक्ष में भारत की सफलता पर जरुर गर्व हुआ होगा। स्पेस के क्षेत्र में 2019 भारत के लिए बहुत अच्छा साल रहा। हमारे वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-2 मिशन से एक बार फिर यह साबित किया है कि जब बात नए क्षेत्र में कुछ नया कर गुजरने की हो, तो हमारे वैज्ञानिक सर्वश्रेष्ठ और विश्व-स्तरीय हैं। दूसरे कार्यकाल के दूसरे 'मन की बात' कार्यक्रेम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कश्मीर के लोग विकास की मुख्य धारा से जुड़ने को बेताब हैं। बैक टू विलेज  कार्यक्रम के तहत कश्मीर के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं। इससे यह भी साबित होता है कि विकास की शक्ति बंदूक और बम की तुलना में अधिक शक्तिशाली है। जो लोग विकास की राह में नफरत फैलाना चाहते हैं, वो अपने नापाक मंसूबों में कभी सफल नहीं होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि सावन माह में चारों ओर एक नई ऊर्जा का संचार होने लगता है। इस बार अमरनाथ यात्रा में पिछले चार वर्षों के मुकाबले सबसे ज़्यादा श्रद्धालु शामिल हुए हैं। जो लोग भी यात्रा से लौटकर आते हैं, वे जम्मू-कश्मीर के लोगों की गर्मजोशी और अपनेपन की भावना के कायल हो जाते हैं। अगस्त महीना ‘भारत छोड़ो’ की याद ले कर आता है। मैं चाहूँगा कि 15 अगस्त की कुछ विशेष तैयारी करें आप लोग। आजादी के इस पर्व को मनाने का नया तरीका ढूढें। जन भागीदारी बढ़ाएं। 15 अगस्त लोकोत्सव कैसे बने? जनोत्सव कैसे बने? इसकी चिंता जरुर करें। बारिश, ताजगी और खुशी यानी दोनों ही अपने साथ लाती है। मेरी कामना है कि यह मानसून आप सबको लगातार खुशियों से भरता रहे। आप सभी स्वस्थ रहें। बाढ़ के संकट में घिरे लोगों को मैं आश्वस्त करता हूं कि केंद्र, राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का काम बहुत तेज गति से कर रहा है।जलसंरक्षण के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास
मेरे कहने से पहले भी जल संरक्षण आपके दिल को छूने वाला विषय था, सामान्य मानवी का पसंदीदा विषय था। मैं अनुभव कर रहा हूं कि पानी के विषय ने इन दिनों हिन्दुस्तान के दिलों को झकझोर दिया है। हर कोई जलसंरक्षण के लिए युद्ध स्तर पर कुछ-ना-कुछ कर रहा है। मेघालय देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अपनी जल-नीति तैयार की है, राज्य सरकार को बधाई।