धोखाधड़ी मामले में ईडी ने शुरू की अहमद पटेल से पूछताछ

 30 Jun 2020  24

संवाददाता/in24 न्यूज़.
कांग्रेस के बुरे दिन चल रहे हैं. इस देश में सबसे ज्यादा समय तक सत्ता पर काबिज़ रह चुकी कांग्रेस के लगातार घटते जनाधार ने पार्टी को कमज़ोर कर दिया. इसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में कांग्रेस के दिग्गज नेता और  राज्य सभा सदस्य अहमद पटेल से पूछताछ शुरू कर दी है. इस बार अहमद पटेल ईडी के निशाने पर हैं। धोखाधड़ी का यह मामला 14,500 करोड़ रुपए का है।  प्रवर्तन निदेशालय के जांचकर्ताओं ने संदेसरा बंधुओं से संबंधित कथित बैंक धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से उनके आवास पर दूसरे दौर की पूछताछ शुरू की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। केंद्रीय एजेंसी के तीन सदस्यों का एक दल कुछ अन्य अधिकारियों के साथ सुबह करीब साढ़े दस बजे मध्य दिल्ली के लुटियंस जोन में स्थित पटेल के आवास 23, मदर टेरेसा क्रीसेंट पहुंचा। टीम के सदस्यों के हाथों में कई फाइलें थीं। कोरोना के मद्देनजर उन्होंने एहतियात के तौर पर मास्क और दस्ताने पहन रखे थे। एजेंसी के अधिकारियों ने इस मामले में पहली बार 27 जून को पटेल से आठ घंटे तक पूछताछ की थी। गुजरात से 70 वर्षीय राज्यसभा सदस्य अहमद पटेल ने वरिष्ठ नागरिकों को घर में ही रहने की सलाह देने वाले कोविड-19 दिशा-निर्देश का हवाला देते हुए प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय आने से मना किया था। इसके बाद उन्हें घर पर ही सवालों के जवाब देने की अनुमति दी गई। अधिकारियों ने कहा कि नवीनतम सत्र में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत पटेल का बयान दर्ज किया जा रहा है। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष पटेल इससे पहले संप्रग अध्यक्ष तथा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव रहे चुके हैं। वह कांग्रेस में सबसे अधिक प्रभावशाली व्यक्ति माने जाते हैं।यह धन शोधन मामला गुजरात की वड़ोदरा स्थित स्टर्लिंग बायोटेक और उसके मुख्य प्रमोटरों-नितिन जयंतीलाल संदेसरा, चेतनकुमार जयंतीलाल संदेसरा और दीप्ति संदेसरा द्वारा 14,500 करोड़ रुपए की कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा है। तीनों फरार हैं। नितिन और चेतनकुमार भाई हैं। समझा जा सकता है कि इस पूछताछ से कांग्रेस पर कितना असर पड़ेगा.