सवर्ण आरक्षण पर अब राष्ट्रपति की मुहर बाक़ी

 10 Jan 2019  70
संवाददाता/in24 न्यूज़। 

सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत के आरक्षण को बुधवार को राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई. इसके लिए 124वां संविधान संशोधन विधेयक, बुधवार को सदन से पास हो गया. अब इस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर का ही इंतजार है. बुधवार को राज्यसभा में करीब 10 घंटे तक चली बैठक के बाद इस 124वें संविधान संशोधन विधेयक 2019 को 165 मतों से मंजूरी दे दी गई. हालांकि सदन में विपक्ष ने कुछ संशोधनों का प्रस्ताव रखा जिसे मत विभाजन के बाद नामंजूर कर दिया. गौरतलब है की लोकसभा से पहले ही इस विधेयक को मंजूरी मिल गई थी. जहां इसके विरोध में केवल तीन मत ही पड़े थे.बुधवार को उच्च सदन में पेश किए गये इस विधेयक का विपक्ष समेत लगभग सभी दलों ने समर्थन किया. हालांकि इस विधेयक को लेकर विपक्षी दलों ने इसे लोकसभा चुनाव से पहले का चुनावी स्टंट भी करार दिया. वहीं इस विधेयक के न्यायिक समीक्षा में टिक पाने को लेकर भी विपक्ष ने आशंका जताई है. वहीं सरकार का दावा है कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा में भी सही साबित होगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिए लाया गया है. वहीं पीएम मोदी के इस ऐतिहासिक फैसले को लेकर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा है कि यह हमारी संस्कृति की विशेषता है कि जहां प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एससी और एसटी को आरक्षण दिया वहीं पिछड़े वर्ग से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामान्य वर्ग को आरक्षण देने की यह पहल की है. पीएम मोदी के इस फैसले से सवर्णों में एक नया उत्साह देखा जा रहा है, मोदी के विरोधी भी इस फैसले से हतप्रभ हैं.