आईपीएस केएमएम प्रसन्ना का पावर हुआ कम !

 17 Aug 2017  1141
ब्यूरो रिपोर्ट / in24 न्यूज़
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा में बतौर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कार्यरत केएमएम प्रसन्ना से उनके कई सारे पावर्स छीन लिए गए। बताया जा रहा है कि लेटलतीफी और अपने सहकर्मियों से बुरा बर्ताव करने की तमाम शिकायतों के बाद उनके खिलाफ यह कदम उठाया गया है। क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार कथित शिकायतों में महिला अधिकारियों की ढेर सारी शिकायतें भी शामिल हैं, जिनमें उन्होंने प्रसन्ना पर उत्पीड़न और दूसरों को नीचा दिखाने जैसे आरोप लगाए हैं। सूत्रों के मुताबिक साल 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रसन्ना को एक उच्च स्तर की मीटिंग में बता दिया गया कि अब वह सिर्फ पुलिस महकमे के प्रशासनिक कार्यों को देखें। इस मीटिंग में क्राइम ब्रांच के जॉइंट कमिश्नर संजय सक्सेना भी शामिल रहे। मीटिंग में प्रसन्ना को कह दिया गया कि अब वह किसी मातहत अधिकारियों को कोई काम नहीं सौंपेंगे। उनको रिपोर्ट करने वाले तीनों डेप्युटी कमिश्नर भी सीधे सक्सेना से ऑर्डर्स लेंगे। हालांकि इस मामले पर पुलिस कमिश्नर दत्तात्रेय पडसलगीकर का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी आनुशासनिक ऐक्शन के बारे में जानकारी नहीं है।
प्रसन्ना और संजय सक्सेना ने कई बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार, कुछ हफ्ते पहले पुलिस कमिश्नर ने प्रसन्ना के चेंबर में एक मीटिंग बुलाई थी जिसमें प्रसन्ना लगभग आधे घंटे की देरी से पहुंचे। इससे पहले उनके खिलाफ खराब व्यवहार और कई महिला अधिकारियों से नजदीकियों की शिकायतें आयी थी। इसलिए उनके सीनियर्स ने अनुशासन बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया। प्रसन्ना के करीबी एक अधिकारी ने नाम उजागर ना करने की शर्त पर बताया कि प्रसन्ना ने बहुत जल्द ही इन्फॉर्मर्स का एक बड़ा जाल सा बुन लिया है। इन इन्फॉर्मर्स को ड्रग्स से जुड़ी सभी गतिविधियों की जानकारी रहती है। यह भी आरोप लगे हैं कि इन इन्फॉर्मर्स को रोका गया है कि वे ऐंटी नार्कोटिक्स ब्यूरो को जानकारी ना दें।
आपको बता दें कि आईपीएस केएमएम प्रसन्ना मुंबई पुलिस के कई पद पर आसीन रह चुके हैं कुछ दिन पहले उनके बारे में एक महिला पुलिस कर्मी द्वारा की जा रही  शिकायत सोशल मीडिया में वायरल हुई थी जिसमे कथित महिला पुलिसकर्मी ने मुंबई पुलिस के एक एक्टिविस्ट पुलिस कर्मी सुनील भगवंतराव टोके से एडिशनल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस केएमएम प्रसन्ना के खिलाफ अपनी आपबीती बयां कर रही थी। इन तमाम शिकायतों के बीच केएमएम प्रसन्ना के खिलाफ ये कार्रवाई की गयी है ऐसा कयास लगाया जा रहा है।