फर्जी सर्टिफिकेट रैकेट का भंडाफोड़

 13 Sep 2020  23

संवाददाता/in24 न्यूज़.
कानून की आंख में धुल झोंककर देशव्यापी सर्टिफिकेट का रैकेट चलाने वालों का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. आंध्र प्रदेश के प्रकासम जिले की पुलिस ने शनिवार को दो साल पुराने फर्जी सर्टिफिकेट रैकेट का भंडाफोड़ कर सात लोगों को जेएनटीसी नाम से 500 पाठ्यक्रमों के लिए प्रमाणपत्र जारी करने के लिए गिरफ्तार किया है। यह फजीर्वाड़ा एक प्रतिष्ठित तकनीकी विश्वविद्यालय की नकल कर हो रही थी। प्रकासम जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ कौशल ने बताया कि हमने देशव्यापी ऑपरेशन का भंडाफोड़ किया है, जो जवाहरलाल नेहरू तकनीकी केंद्र नाम से चलाया जा रहा था, जाहिर तौर पर इसे जवाहरलाल नेहरू तकनीकी विश्वविद्यालय नाम से भ्रमित करने के इरादे से बनाया गया था. इस फर्जीवाड़ा में गिरफ्तार किए गए सात लोगों में जामपनी वेंकटेश्वरलू (49), सिलारापु बाला श्रीनिवास राव (53), सिलाराप्पु सुजाता (47), सिद्दी श्रीनिवास रेड्डी (25), कोडुरी प्रदीप कुमार (32), अनपर्थी क्रिस्टोफर (47) और बत्ता पोटुला वेंकटेश्वरलु (48) हैं। पुलिस ने उन्हें धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों का इस्तेमान करने को लेकर आईपीसी धारा 420, 468, 471 और अन्य के तहत गिरफ्तार किया। आरोपी देश भर के 11 राज्यों में जेएनटीसी नाम से काम कर रहे थे। कौशल ने कहा कि वे अध्ययन के करीब हर फिल्ड के फर्जी प्रमाण पत्र जारी कर रहे थे और जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं था। हमने करीब 500 प्रकार के प्रमाण पत्र सूचीबद्ध किए, जिसे वे जारी कर रहे थे। इसमें तीन महीने के पाठ्यक्रम से लेकर 3 साल की डिग्री तक थी। प्रमाण पत्र मैनेजमेंट, हॉस्पिटालिटि यहां तक कि स्वास्थ्य, विमानन, आग और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों और अन्य इसी तरह के विषयों में प्रमाण पत्र जारी किए गए थे। पुलिस ने अब तक 11 राज्यों में जारी किए गए करीब 2,400 ऑड प्रमाण पत्रों के बारे में पता लगाया है, यह संख्या बढ़ने की संभावना है। बहरहाल पुलिस ने अपील की है कि ऐसे फर्जीवाड़ा करनेवालों के झांसे में आने से बचें।