पुलिस ने आधी रात जबरन कराया गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार

 30 Sep 2020  28

संवाददाता/in24 न्यूज़। 

हाथरस में कथित गैंगरेप पीड़िता का बीती रात पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया। परिजन का आरोप है कि पुलिस ने जबर्दस्ती अंतिम संस्कार किया और उन्हें आखिरी बार चेहरा तक नहीं देखने दिया गया। पीड़ित के भाई ने भास्कर ने बताया कि पुलिस ने हमें उसका चेहरा तक नहीं देखने दिया। हमें नहीं पता पुलिस ने किसे जलाया।उन्होंने पुलिस पर अपने रिश्तेदारों के साथ मारपीट करने और उन्हें गांव पहुंचने से रोकने का आरोप भी लगाया। पीड़ित के बड़े भाई ने कहा, 'महिला पुलिस कर्मियों ने हमारे घर की महिलाओं के साथ मारपीट की। रिश्तेदारों को गांव तक नहीं आने दिया। जबर्दस्ती रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया। हम उनसे कहते रहे कि कम से कम सुबह होने के इंतजार करें, लेकिन हमारी एक नहीं सुनी। उन्होंने तो हमारे रीति-रिवाज़ों तक का ख्याल नहीं रखा। पीड़ित का परिवार अब पुलिस पर मामले को किसी भी तरह निपटाने का आरोप लगा रहा है। बताया, 'पुलिस अब कह रही है कि उसकी जीभ नहीं कटी थी, रीढ़ की हड्डी नहीं टूटी थी। वे किसी भी तरह इस मामले को निपटा देना चाहते हैं। पुलिस ने अभी तक गैंगरेप किए जाने की पुष्टि भी नहीं की है। मीडिया को भी गांव में नहीं आने दिया जा रहा है, हमसे बात नहीं करने दी जा रही है। वो तो किसी तरह कुछ पत्रकार पहुंच गए। नहीं तो हमारे साथ भी कुछ भी हो सकता था।पंद्रह दिन पहले कथित गैंगरेप का शिकार हुई पीड़ित की सोमवार रात करीब तीन बजे दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी। मंगलवार शाम पीड़ित के परिजन अस्पताल में ही धरने पर बैठ गए थे। रात में यूपी पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी से हाथरस ले गई। पुलिस ने बीती रात करीब ढाई बजे गांव में लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजन को दूर रखने के लिए पुलिस ने मानव श्रृंखला बना ली थी। किसी को भी अंतिम संस्कार वाली जगह के पास नहीं जाने दिया था। गांव वालों का कहना है कि ऐसा करके पुलिस ने रीति-रिवाज़ों का उल्लंघन किया है। पीड़ित के शव को जब अंतिम संस्कार करने के लिए ले जाया जा रहा था तो गांव वालों ने वाहन को रोकने की कोशिश की थी। कुछ लोग गाड़ी के बोनट से भी चिपक गए थे, लेकिन पुलिस वाले उन्हें हटाते हुए वाहन को अंतिम संस्कार स्थल तक ले गए और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया।पीड़ित के परिजन पुलिस पर मामलों को रफा-दफा करने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर उसके दोबारा पोस्टमॉर्टम की संभावना को ही खत्म कर दिया। पीड़ित के भाई ने कहा कि हम दलित हैं इसलिए ये जबर्दस्ती की जा रही है। पहले बहन का गैंगरेप किया गया, फिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में कोताही की गई और अब अंतिम संस्कार के दौरान ये सब किया गया। अब हमारे लिए सभी रास्ते बंद किए जा रहे हैं, गांव से पलायन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की है।