इज़्ज़त बचाने के लिए नर्स ने की थी आत्महत्या

 26 Oct 2020  57

संवाददाता/in24 न्यूज़.
किसी भी मरीज़ के लिए डॉक्टर और नर्स बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, मगर जिस तरह नवसारी में सिविल अस्पताल में काम करने वाली 28 साल की नर्स ने बीते गुरूवार को सुसाइड कर लिया था, उस मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। ये जानकारी मेघना के 6 पन्नों के सुसाइड नोट से मिली हैं। मेघना ने इस सुसाइड नोट में अपने सीनियर्स के खिलाफ उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। मेघना ने अपने सुसाइड नोट में बताया है कि  कैसे उन्हें उनकी सीनियर मैट्रन टॉर्चर कर रही थी। इसके अलावा एक ने  उसे सीनियर सर्जन अविनाश दुबे के साथ फिजिकल रिलेशन बनाने को फोर्स कर रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक मेघा ने इस सुसाइड नोट में एक सीनियर सर्जन और दो नर्स के साथ साथ अपनी सास और पति के  खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। मृतका, मेघा आचार्य की शादी डेढ़ साल पहले अमित खम्भाटी के साथ हुई थी। अमित धरमपुर के नानपोंडा गांव का रहने वाला है। खम्भाती एक निजी कंपनी में काम कर रहा है और अपने माता-पिता के साथ गांव में रहता हैं। जबकि मेघा अपनी मां के साथ वेजालपोर में किराए के मकान में रह रही थी। मेघना ने परिवार के नाम सुसाइड नोट में लिखा है कि मां, मैं लड़ रही थी, मुझे जाने दो, साहसी बनो, भगवान आपकी बेटी की जान लेने वाले को दंड देगा। बहन, जीजाजी, मां का ख्याल रखना, मैंने कायरतापूर्ण काम नहीं किया है, लेकिन मैंने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि मैं इज्जत को बचाने के लिए रोज की प्रताड़ना से तंग आ चुकी हूं।...  जय स्वामीनारायण. दरअसल मेघा अपने सीनियर्स से छुट्टी मांग रही थी क्योंकि उन्हें थॉयराइड की समस्या थी। जब उन्होंने अपने सीनियर मेट्रन से छुट्टी की मांग की तो उन्होंने उसे अपमानित किया। मेघा ने  21 अक्टूबर की आधी रात को अपने बेडरूम में आत्महत्या कर ली और छह पेज का एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मैट्रन तारा गामित और वनिता पटेल सीनियर सिविल सर्जन डॉ. अविनाश दुबे के साथ फिजिकल रिलेशन करने के लिए मजबूर कर रही थीं। मैं 21 अक्टूबर को एक दिन की छुट्टी मांगने गई थी, क्योंकि मेरी थायरॉयड दवा खत्म हो गई थी, जिस डॉक्टर को दिखाना था वे डॉक्टर केवल शुक्रवार को आते हैं।, जैसे ही मैं मैट्रन ने कहा, आगे बढ़ें, छुट्टी नहीं दी जाएगी। जबकि ऐसा नहीं था कि वहां बाकी के स्टाफ नहीं थे। एक वक्त 12 घंटे तक ड्यूटी करनी होती थी। लेकिन पिछले 6 महीनों से वनिता पटेल मुझे टॉर्चर कर रही थी। हालांकि मैं उनसे हारी नहीं, लेकिन मुझे पता है कि सिविल में एक घोटाला चल रहा है।डॉ. तारा गामित मैट्रन ने मुझे सीनियर सर्जन अविनाश दुबे से मिलवाया। अविनाश दुबे के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर कर रही थी। जब मैंने इनकार कर दिया, तो उन्होंने मुझसे कहा, हमारा नाम तारा गामित और वनिता पटेल हैं, आप कैसे परेशान हो सकती हैं पता है। अगर दोनों मैट्रन महिलाएं हैं, लेकिन वे एक लड़की की इज्जत बेचने में संकोच नहीं करती हैं। आदरणीय मैट्रन तारा गामित और वनिता पटेल। कर्म कोई नहीं छोड़ता। अब इसे ध्यान में रखें। हालांकि मैंने हिम्मत के साथ अपना कर्तव्य निभाया और कुछ लोगों के साथ जाने की कोशिश की, इन लोगों ने उन लोगों को भी नाराज़ किया जिन्होंने मेरा समर्थन करने की कोशिश की। अंत में, मैं अकेली पड़ गई। मुझे आज यह फैसला करना पड़ा, क्योंकि मैं अपने सम्मान को जाने देने के बजाय आत्महत्या करना चाहूंगी। मेरे (पति) ने अमित या उसके परिवार के किसी भी सदस्य को मेरे अंतिम संस्कार में नहीं आने दिया जाए. बता दें कि महिला द्वारा महिला के शोषण से जुड़े इस मामले के पीछे और भी बहुत कुछ ऐसा है जिसका सच अब सामने आना चाहिए।