भारत की पहली महिला पायलट शिवांगी उड़ाएंगी राफेल विमान

 24 Sep 2020  28

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
आज हर क्षेत्र में महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और बखूबी अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं. इसी कड़ी में भारतीय वायु सेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह राफेल विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला पायलट होंगी. पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की रहने वाली भारत की बेटी शिवांगी सिंह ने इसके साथ इतिहास रच दिया है.भारतीय वायु सेना की राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का सौभाग्‍य हासिल करने के बाद शिवांंगी सिंह ने दिखा दिया है कि भारत की बेटियां किसी से कम नहीं हैं. शिवांगी सिंह ने अपने जज्बे से पूरी दुनिया के सामने एक नई मिसाल कायम की है. शिवांगी सिंह ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से एनसीसी किया है. देश के सबसे ताकतवर तथा बाहुबली राफेल विमान को उड़ाने की जिम्मेदारी मिलने के बाद शिवांगी काफी उत्साहित हैं. उनके  पूरे परिवार में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है. शिवांगी का साल 2015 में  भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग अफसर के रूप में सेलेक्शन हुआ था. फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह इस समय राजस्थान एयरबेस में तैनात हैं. शिवांगी इस समय मिग 21 लड़ाकू विमान उड़ाती हैं. गौरतलब है कि भारत ने 10 सितंबर को पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप फ्रांस से मंगाई है. ये पांचो राफेल विमान औपचारिक रूप से अंबाला एयरबेस पर भारतीय वायुसेना में शामिल किए गए. राफेल फाइटर विमान वायुसेना के 17वें स्क्वाड्रन  गोल्डन एरो का हिस्सा बने हैं. चीन से चल रही तनातनी के बाद भारतीय वायुसेना ने राफेल विमान कोएलएसी पर तैनात किया है. राफेल विमान लेह-लद्दाख के आसमान में एयर पैट्रोलिंग करते देखे जा सकते हैं. भारत ने फ्रांस‌ के साथ 36 राफेल फाइटर जेट्स का सौदा किया है. अभी पांच फाइटर जेट्स भारत आ चुके हैं, वहीं पांच विमान अक्टूबर महीने में भारत आएंगे. शिवांगी सिंह ने वाराणसी से अपनी स्कूलिंग की है. इसके बाद उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से  उच्‍च शिक्षा की पढ़ाई की. बीएचयू में ही वह नेशनल कैडेट कोर में शामिल हुईं और 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा बनीं. साल 2016 में उन्होंने वायु सेना अकादमी में प्रशिक्षण के लिए हिस्सा लिया. वह वायुसेना के सबसे पुराने जेट मिग -21 बाइसन और सुखोई एमकेआई के बाद राफेल विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला हैं. शिवांगी ने इस स्थान तक पहुंचकर देश की बेटियों के सामने एक नई मिसाल पेश की है.