किसान, कोरोना और शिक्षा पर पीएम मोदी ने की मन की बात

 29 Nov 2020  51

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
कोरोना संकट के बीच आज एकबार फिर  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात की.  पीएम मोदी ने मन की बात में शिक्षण संस्थानों से कहा कि वे एल्युमिनाई की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। शिक्षण संस्थानों के विकास और समृद्धि में एल्युमिनाई अहम भूमिका निभा सकते हैं। कई शिक्षण संस्थान तो ऐसा कर रहे हैं, लेकिन इस व्यवस्था को ग्रामीण स्तर के शिक्षण संस्थानों में भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। 05 दिसम्बर को श्री अरविदो की पुण्य तिथि के अवसर उन्होंने कहा कि इनके जीवन से युवा साथी जितना जानेंगे खुद को समृद्ध करेंगे । जिन संकल्पों को श्री अरविंदो ने अपनाया वो आज की पीढ़ी को नया रास्ता दिखाया। लोकल से वोकल भी स्वदेशी दर्शन हमें राह दिखाता है। उन्होंने कहा कि भारत में खेती और उससे जुड़ी चीजों के साथ नए आयाम जुड़ रहे हैं। बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं। बरसों से किसानों की जो मांग थी, जिन मांगों को पूरा करने के लिए किसी न किसी समय में हर राजनीतिक दल ने उनसे वादा किया था, वो मांगे पूरी हुई हैं। काफी विचार विमर्श के बाद भारत की संसद ने कृषि सुधारों को कानूनी रूप दिया। इन सुधारों से न सिर्फ किसानों के अनेक बंधन समाप्त हुए हैं, बल्कि उन्हें नए अधिकार भी मिले हैं, नए अवसर भी मिले हैं। उन्होंने किसान जितेन्द्र का उदाहरण देते हुए कहा कि कानून की सही या पूरी जानकारी की किसानों की ताकत बनती है। किसान मोहम्मद असलम का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वे किसान उत्पादक समूह के सीईओ हैं, उन्होंने दूर दराज इलाकों के किसानों के लिए वॉट्स ग्रुप बना लिया है। आस पास की मंडियों के भाव की जानकारी देते हैं । उनके प्रयास से किसानों को निर्णय लेने में मदद मिलती है। उन्होंने हरियाणा के कैथल में रहने वाले किसान वीरेन्द्र के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन्होंने पराली से ब्लॉक बनाकर किसानों को नई दिशा दिखाई है। पराली से ही दो साल में 1.5 करोड़ का व्यापार किया है। अब वे दूसरे किसानों के खेतों से भी पराली उठाते हैं। पराली निपटारा पैसा कमाने का उदाहरण है। उन्होंने खेती किसानी में पढ़ाई कर रहे युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे किसानों को आधुनिक खेती के बारे में जागरूक करें। देश में हो रहे बड़े बदलाव के सहभागी बनें। साथ ही पीएम मोदी ने कोरोना जैसी महामारी के बीच संभलकर रहने की अपील की.