बीजेपी और कांग्रेस की अनशन नीति

 11 Apr 2018  63

संवाददाता/in24 न्यूज़

दलितों के उद्धार के लिए एक तरफ कांग्रेस ने सांकेतिक अनशन 9 अप्रैल को किया था, वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने भी अब संसद में विपक्ष के गतिरोध के खिलाफ अनशन करने का एलान किया है, आपको बता दें कि बीजेपी के तमाम नेता पीएम मोदी के अगुवाई में 12 अप्रैल को उपवास रखेंगे। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री सुबह 11 बजे देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति विषय पर नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे।

आपको बता दें कि इससे पहले कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी दलित अत्याचार पर उपवास रखा था।  हालांकि बीजेपी की सांसद मीनाक्षी लेखी और डॉक्टर हर्षवर्धन ने अपनी पार्टी के नेताओं के लिए कड़े नियम जारी किए हैं। सभी को सलाह दी गई है कि वह सार्वजनिक जगहों पर कुछ भी खाने से बचें और अगर खा भी रहे हैं, तो कैमरे से दूर रहे।

in24 न्यूज़ की टीम जब इस मुद्दे पर मुंबईकरों से प्रतिक्रिया ली तब उनका भी यही कहना था, कि यह उपवास और अनशन वॉर महज राजनीति चमकानी का एक जरिया है, क्योंकि पहले कांग्रेस पार्टी ने यह हथकंडा अपनाया और उनकी करतूत बाद में सबको पता चली, जब वह छोले भटूरे के फोटो वायरल हुए जिसके बाद उनपर से लोगों का भरोसा उठ गया,  .

जहां तक रहा सवाल बीजेपी का तो वह भी अनशन के माध्यम से लोगों को संसद के गतिरोध के बारे में जानकारी देना चाह रही है, आखिरकार सवाल घूम फिर कर वहीँ आ जाता है संसद चलाना पक्ष और विपक्ष दोनों की ही साझा जिम्मेदारी है तो ऐसे में अगर विपक्ष हंगामा कर रहा है तो सरकार क्या फर्ज बनता है? बहरहाल ये जो जनता जनर्दन है, ये काफी समझदार है और ये सब जानती है