विकास दुबे के मारे जाने पर विपक्ष नाखुश तो पीड़ितों के परिवार में ख़ुशी

 10 Jul 2020  46

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे को मार गिराए जान के बाद विपक्षी पार्टियों को विरोध करने का एक अच्छा मौका मिल गया है. उज्जैन से कानपुर लाते समय पांच लाख रुपये के इनामी विकास दुबे को मुठभेड़ में पुलिस ने ढेर कर दिया. विपक्ष ने इस एनकाउंटर को सुनियोजित तरीके से बताते हुए पुलिसकर्मियों की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाया और सरकार को घेरने की कोशिश की है। इस पर शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारोंं का कहना है कि सरकार को घेरना और पुलिसिया कार्रवाई पर प्रश्नचिन्ह लगाना उनके मनोबल को तोड़ने जैसा हैं। सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाले दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को उज्जैन पुलिस ने गुुरुवार को महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया था और देर शाम कोर्ट में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर यूपी एसटीएफ को सौंप दिया था। पुलिसिया कहानी के अनुसार जब उसे लेकर यूपी एसटीएफ कानपुर आ रही थी तभी बारिश की वजह से तेज रफ्तार कार पलट गई। इस दौरान एसटीएफ और पुलिस को चकमा देकर विकास दुबे भागने लगा। यूपी एसटीएफ ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें चार पुलिस कर्मी घायल हुये हैं। एसटीएफ की कार्रवाई में विकास घायल हुआ, जिसे हैलट अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। विकास को चार गोली लगने की बात कही जा रही है। इस मुठभेड़ के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि कार पलटी नहीं है सरकार पलटने से बचाई गई है। प्रदेश सरकार को घेरने के साथ अन्य दलों के लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर सीबीआई जांच की मांग की है।  कानपुर के बिठूर थाने में तैनात और विकरु कांड में घायल बुलंदशहर निवासी सिपाही अजय कश्यप ने विकास दुबे के एनकाउंटर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का एनकाउंटर शहीद पुलिसकर्मियों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। इस एनकाउंटर से पुलिस का इकबाल बुलंद हुआ है। इससे पुलिस पर आम नागरिक का विश्वास मजबूत होगा। कानपुर में शहीद सिपाही सुल्तान सिंह की झांसी भोजला गांव में रहने वाली पत्नी ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो वायदा किया था वो कर दिखाया है। उन्होंने यूपी पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है। साथ यह भी कहा है कि इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिये। ऐसे हत्यारों का तो यही अंजाम होना चाहिये था। विकास दुबे की मौत के बाद शहीद सिपाही राहुल की बहन नंदिनी ने कहा है कि आज उनके भाई की आत्मा को शांति मिली होगी। इस एनकाउंटर से वो उनके परिवार के अलावा पूरा गांव खुश है और पुलिस, सरकार की प्रशंसा कर रहा है। जो लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह उठाकर सरकार को घेरना चाहते हैंं, मेरा उनसे कहना है कि इस मामले में कोई राजनीति न की जाए.