अमित शाह पर साधा मेहबूबा ने निशाना

 18 Nov 2020  21

संवाददाता/in24 न्यूज़.
गुपकर ग्रुप के लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है. जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गुपकर गैंग टिप्पणी के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर मंगलवार को पलटवार किया। मुफ्ती ने कहा कि इस तरह का बयान बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई से लोगों को ध्यान हटाने के लिए दिया गया है। महबूबा ने कहा कि खुद को मसीहा और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को देश का दुश्मन की तरह पेशकर भारत को बांटने के भाजपा के हथकंडा का अनुमान लगाया जा सकता है।बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई (जैसे मुद्दों) के स्थान पर लव जेहाद, टुकड़े-टुकड़े और अब गुपकर गैंग राजनीतिक विमर्श में हावी हो गया है। पीडीपी प्रमुख ने सवाल किया कि क्या गठबंधन में चुनाव लड़ना भी अब राष्ट्रविरोधी हो गया है! सत्ता की अपनी भूख में भाजपा कई गठबंधन कर सकती है लेकिन एकजुट मंच बनाकर हम किस तरह राष्ट्रीय हितों को कमजोर कर रहे हैं. उन्होंने ट्वीट किया  कि पुरानी आदतों से छुटकारा पाना आसान नहीं होता। पहले भाजपा ने यह विमर्श चलाया कि टुकड़े टुकड़े गैंग ने भारत की संप्रभुता को धमकी दी है और अब वे ‘गुपकर गैंग' आक्षेप से हमें राष्ट्रविरोधी साबित करना चाहते हैं। विडंबना है कि भाजपा खुद सरेआम संविधान का उल्लंघन करती है। शाह ने सिलसिलेवार ट्वीट कर जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों को गुपकर गैंग बताया है। इसके बाद महबूबा मुफ्ती ने पलटवार किया है। शाह ने यह भी कहा कि यह देश के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ नापाक वैश्विक गठबंधन है और सवाल किया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी क्या गुपकर गठबंधन घोषणापत्र (पीएजीडी) का समर्थन करते हैं। अपने एक अन्य ट्वीट में गृह मंत्री ने कहा  कि गुपगार गैंग वैश्विक हो रहा है। यह गैंग जम्मू-कश्मीर में विदेशी ताकतों का दखल चाहता है। यह गैंग भारतीय तिरंगे का भी अपमान करता है। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या सोनिया जी और राहुल जी गुपकार गैंग की इन बातों का समर्थन करते हैं? सोनिया और राहुल जी को देश के सामने अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए?' गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और आगे भी रहेगा। राष्ट्रीय हित के खिलाफ किसी भी अपवित्र गठबंधन को देश के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। गुपकार गैंग देश की भावनाओं के हिसाब से काम करे नहीं तो लोग उसे डुबा देंगे।' जम्मू-कश्मीर में इस महीने के अंत में डीडीसी के चुनाव होने हैं। इस चुनाव को लड़ने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी सहित जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय पार्टियों ने गुपकार अलायंस नाम से गठबंधन बनाया है। कांग्रेस भी इस गठबंधन का हिस्सा है। पिछले साल पांच अगस्त को एनसी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला के गुपकार रोड स्थित आवास पर एक बैठक हुई थी। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर की राजनीति पर चर्चा हुई थी। इसके बाद सभी स्थानीय नेता नजरबंद हो गए। नजरबंदी से रिहाई के बाद इन नेताओं ने इसे गुपकार अलायंस नाम दिया है। बता दें कि बीजेपी इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी का पक्ष सुनना चाहती है, हालांकि कांग्रेस ने कहा है कि उसका गुपकार गठबंधन से फिलहाल संबंध नहीं है.