ममता दीदी ने किया 43 नेताओं के साथ मंत्रिमंडल का विस्तार

 10 May 2021  176

संवाददाता/in24 न्यूज़.
ममता बनर्जी ने 43 नेताओं के साथ अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। आज ही उसका शपथ ग्रहण समारोह हुआ। उनके कैबिनेट में 43 मंत्री शामिल हुए हैं, जिसमें 25 पुराने चेहरे हैं और 18 नए लोगों को जगह दी गई है। राजभवन में कोविड गाइडलाइंस का पालन करते हुए सभी कैबिनेट मंत्रियों को राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शपथ दिलाई। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने 5 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वे तीसरी बार लगातार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी हैं।सोमवार को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के 43 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। 43 सदस्यीय मंत्रिमंडल में पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा और पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी सहित कई नए चेहरों को मौका मिला है। जानकारी के मुताबिक ममता बनर्जी की इस टीम में 25 पुराने और 18 नए चेहरे शामिल हैं। इन 43 में से नौ विधायकों ने बतौर राज्यमंत्री शपथ ली। अमित मित्रा और दो अन्य विधायकों ने वर्चुअली शपथ ली। मित्रा की तबीयत ठीक नहीं है। शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी हॉल में मौजूद थीं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद अपराह्न तीन बजे राज्य सचिवालय नवान्न में राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक भी है। इस बैठक में ही सभी मंत्रियों के विभागों का बंटबारा किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी गृह विभाग और स्वास्थ्य विभाग खुद अपने पास रखेंगी, जबकि पुराने मंत्रियों के विभागों में कुछ फेरबदल हो सकते हैं। ममता बनर्जी के नए मंत्रिमंडल में पुराने मंत्रियों में सुब्रत मुखर्जी, पार्थ चटर्जी, अमित मित्रा, फिरहाद हकीम, अरुप विश्वास, शोभनदेव चट्टोपाध्याय, साधन पांडेय, ज्योतिप्रिय मल्लिक, सोमेन महापात्रा, मलय घटक, अरुप विश्वास, उज्ज्वल विश्वास, अरुप राय, चंद्रनाथ सिन्हा, ब्रात्य बसु, डॉ शशि पांजा, जावेद खान, स्वपन देवनाथ और सिद्दिकुल्ला चौधरी जैसे मंत्रियों को फिर से कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। राज्यसभा के पूर्व सदस्य मानस रंजन भुइयां, रथीन घोष, पुलक राय, बंकिम चंद्र हाजरा और बिप्लव मित्रा को नई कैबिनेट में जगह दी गई है।  बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधान सभा की 294 सीटों में से 292 सीटों पर 8 चरणों में मतदान हुए थे। 2 मई को मतगणना में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी के हिस्से में सिर्फ 77 सीटें आईं। वहीं लेफ्ट और अन्य को 1-1 सीट मिली है। दो सीटों पर उम्मीदवारों की मौत की वजह से चुनाव नहीं हुए थे और उन सीटों पर 16 मई को वोट डाले जाएंगे। बता दें कि इस बीच बीजेपी और तृणमूल के कार्यकर्ताओं के बीच भारी हिंसा भी देखने को मिली थी।