रूस ने बनाई कोरोना वैक्सीन, राष्ट्रपति की बेटी को लगा पहला डोज

 11 Aug 2020  44

ब्यूरो रिपोर्ट/in24/न्यूज़     

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस ने जहां पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है तो वहीं विश्व में कोरोना वैक्सीन बनाने की रेस में रूस सबसे आगे निकल चुका है. कोरोनावायरस के लिए बने एक टीके को कल ही रेगुलेटरी अप्रूवल भी मिल चुका है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को यह ऐलान करते हुए कहा कि रूस में बनी पहली कोविड-19 वैक्सीन को हेल्थ मिनिस्ट्री से अप्रूवल मिल गया है. रूसी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि उनकी बेटियों को यह टीका लगाया जा चुका है. व्लादिमीर पुतिन ने उन सभी को धन्यवाद दिया जिन्होंने इस वैक्सीन को बनाने में दिन रात मेहनत की. पुतिन ने कहा कि वैक्सीन सारे जरूरी टेस्ट से गुजरी है, अब यह वैक्सीन बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए भेजी जाएगी. व्लादिमीर पुतिन की एक बेटी को इस वैक्सीन की डोज़ लगाई जा चुकी है जिसके बाद उन्होंने कहा कि वे दोनों ठीक महसूस कर रही है और किसी तरह के साइड इफेक्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले टीके के बाद उसका तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था उसके बाद 37 डिग्री से कुछ अधिक था और अब वह बिल्कुल स्वस्थ है. रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाईल मुराशको के मुताबिक इसी महीने से हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन देने की शुरुआत की जा सकती है.

             रूस में सबसे पहले फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स को कोरोनावायरस लगाया जाएगा इसके बाद सीनियर सिटीजंस को यह व्यक्ति ने दी जाएगी. फिलहाल इस वैक्सीन की लिमिटेड डोज तैयार की गई है जिसे रेगुलेटरी अप्रूवल भी मिल चुका है अब इस वैक्सीन का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन सितंबर महीने से शुरू हो सकता है. रूस ने कहा कि वह अक्टूबर से देशभर में टीका लगाने की शुरुआत कर सकता है. रूस ने दुनिया भर में वैक्सीन की सप्लाई करने की बात कही है, लेकिन कई देश अभी से इसे लेकर हिचक रहे हैं. पश्चिमी देशों समेत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंता जताई है कि बिना पर्याप्त डाटा के व्यक्ति सप्लाई करना ठीक नहीं होगा. इस दौरान यूनाइटेड किंगडम ने साफ कर दिया है कि वह अपने नागरिकों को रूसी वैक्सीन की डोज नहीं देगा. ऐसे में हो सकता है कि शुरुआती दौर में इस वैक्सीन को दूसरे देशों में ना भेजा जाए. रूस की आम जनता पर वैक्सीन का असर देखने के बाद बाकी देश इस पर कोई अगला फैसला ले सकते हैं.