26 जनवरी से कीजिए येरवडा जेल में पर्यटन यात्रा

 23 Jan 2021  289

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
अक्सर लोग जेल जाने के नाम से डर जाते हैं, मगर अब जेल जाने में लोगों को ख़ुशी होगी, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने एक नई पहल शुरू करने जा रही है. महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने खा है कि हम 26 जनवरी को पुणे के येरवडा जेल में जेल टूरिज्म शुरू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पहल करेंगे। राज्य और राज्य के इतिहास में येरवडा और अन्य जेलों का बहुत महत्व है। यहां कई ऐतिहासिक घटनाएं घटीं। भारत में पहली बार एक जेल पर्यटन पहल शुरू की जा रही है। इतिहास के छात्र और आम जनता ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में जानने के लिए जेल में जाकर विभिन्न जानकारी हासिल कर सकेंगे। पहले चरण में हम इसे येरवडा जेल से शुरू कर रहे हैं गृह विभाग द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ ऐतिहासिक स्थानों में पंजीकृत एनजीओ को देखने के लिए जेल पर्यटन की शुरुआत की जा रही है। मंत्री अनिल देशमुख ने यह भी कहा है कि वे राज्य की येरवडा जेल और अन्य जेलों में भी इसी तरह से पर्यटन शुरू करना चाहते हैं। इस बीच गृह विभाग ने 26 जनवरी से पुणे की येरवडा जेल में जेल दौरे का फैसला किया है। इस जेल यात्रा के माध्यम से नागरिकों को येरवडा जेल का दौरा करने का मौका मिलेगा। स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक बड़ा हिस्सा येरवडा जेल से जोड़ा गया है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी समेत कई नेता येरवडा जेल में कैद थे। महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के बीच पुणे समझौता भी येरवडा जेल में पारित किया गया था। स्वतंत्रता के बाद कई महत्वपूर्ण मामलों में दोषी ठहराए गए अपराधियों को इस जेल में फांसी दी गई थी। ज़िन्दा और सुखा जो तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल अरुण कुमार वैद्य के हत्यारे थे को येरवडा जेल में फाँसी दे दी गई। मुंबई हमलों के दोषी अजमल आमिर कसाब को भी येरवडा जेल में फांसी दी गई थी। येरवडा जेल में ऐसे स्थानों को इस जेल यात्रा के दौरान देखा जा सकता है। जेल प्रशासन द्वारा एक गाइड भी प्रदान किया जाएगा। वहीं पर्यटन के लिए इस जेल में 50 लोगों को छोड़ा जाएगा। इसके लिए कम से कम सात दिन पहले उम्मीदवारों को ऑनलाइन या येरवडा जेल के कार्यालय में जाकर बुकिंग करनी होगी। इस जेल यात्रा के दौरान किसी भी वस्तु, मोबाइल या कैमरे की अनुमति नहीं होगी। हालांकि अंदर आने वाले पर्यटकों की तस्वीरें लेने की सुविधा प्रदान की जाएगी और अंदर ली गई तस्वीरों को बाद में पर्यटकों को प्रदान किया जाएगा। जेल का दौरा 26 जनवरी को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के हाथों उद्घाटन से शुरू होगा। इस जेल से जुड़े तथ्यों से हर किसी को एक नई जानकारी मिल पाएगी जिससे जुड़े इतिहास खुद अपनी कहानी बयान करेंगे.