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बिजनौर प्रबल मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला 31 जुलाई को सुनाई जाएगी सजा

30 Jul, 2026 23

बिजनौर जिले का सबसे चर्चित "प्रबल मर्डर केस" में आखिरकार कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। करीब 2 साल से चल रही सुनवाई के बाद 30 जुलाई 2026 को कोर्ट ने इस मामले के सभी 7 आरोपियों को दोषी करार दे दिया। खास बात ये है कि सभी आरोपी जिले के रसूखदार और प्रभावशाली लोग बताए जा रहे हैं। इसी वजह से ये केस शुरू से ही सुर्खियों में था। कोर्ट ने सजा सुनाने के लिए 31 जुलाई 2026 की तारीख तय की है। उस दिन पता चलेगा कि दोषियों को उम्रकैद होगी या फांसी।

ये मामला 2024 में बिजनौर के एक गांव से सामने आया था। मृतक का नाम प्रबल था। आरोप है कि जमीन और पैसों के लेन-देन को लेकर प्रबल की कुछ लोगों से रंजिश चल रही थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले प्रबल को धमकाया। जब बात नहीं बनी तो साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई। शव को ठिकाने लगाने की भी कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस ने 48 घंटे के अंदर केस सुलझा लिया था।

मामले में नाम आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था क्योंकि आरोपियों में 2 पूर्व प्रधान, 1 ठेकेदार और कुछ जमीन माफिया शामिल थे। पीड़ित परिवार ने शुरू से ही आरोप लगाया था कि रसूख की वजह से पुलिस केस को दबाने की कोशिश कर रही है। इसके बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और फिर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई।

पिछले 2 साल में इस केस में 20 से ज्यादा गवाहों के बयान हुए। पुलिस ने कोर्ट में कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश की थी। सबसे अहम सबूत वो हथियार था जिससे हत्या की गई थी। उसे आरोपियों के एक ठिकाने से बरामद किया गया था। गवाहों ने भी कोर्ट में बताया कि उन्होंने आरोपियों को वारदात वाली रात साथ देखा था। सरकारी वकील ने दलील दी कि ये सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है। लेकिन सबूतों को देखते हुए कोर्ट आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस वजह नहीं दे पाया। इन्हीं सबूतों और गवाहों के आधार पर जज ने सभी 7 आरोपियों को IPC की धारा 302 यानी हत्या और धारा 120B यानी आपराधिक साजिश में दोषी माना।

कोर्ट ने दोषियों को 31 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उस दिन सजा पर बहस होगी और फिर जज सजा सुनाएंगे। कानूनी जानकारों का कहना है कि चूंकि हत्या साजिश के तहत हुई है, इसलिए कोर्ट अधिकतम सजा यानी फांसी भी दे सकता है। कम से कम उम्रकैद तो तय मानी जा रही है। साथ ही सभी पर भारी जुर्माना भी लग सकता है। सजा वाले दिन कोर्ट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। डीएम और एसपी ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए हैं।

फैसला सुनते ही पीड़ित परिवार की आंखें भर आईं। प्रबल की मां ने कहा, "2 साल से हम इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे थे। आज भगवान ने हमारी सुन ली। हमें उम्मीद है कि 31 को कड़ी सजा मिलेगी।" गांव के लोग भी इस फैसले से खुश हैं। उनका कहना है कि इससे रसूखदारों को एक संदेश जाएगा कि कानून सबके लिए बराबर है। पुलिस का कहना है कि ये फैसला नजीर बनेगा और भविष्य में ऐसे मामलों पर लगाम लगेगी।
 

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