नौकरी का झांसा देकर युवकों का लेते थे दस्तावेज, फर्जी अकाउंट बनाकर करते थे ठगी
संवाददाता/in24 न्यूज़।
मुंबई की मालवणी पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अभिषेक पांडे और आकाश विश्वकर्मा के रूप में हुई है। इन दोनों ने बेरोजगार युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर उनके दस्तावेज एकत्र किए और फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलकर उन्हें साइबर अपराधियों को सौंप दिया। यह मामला तब सामने आया जब जीएसटी विभाग ने एक संदिग्ध बैंक खाते में हो रही भारी रकम की लेनदेन पर नोटिस जारी किया। जांच में पता चला कि इन खातों के जरिए कुल 3.42 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 204 सिम कार्ड, 115 बैंक पासबुक और 271 डेबिट-क्रेडिट कार्ड बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हर लेनदेन पर उन्हें 5,000 रुपये कमीशन मिलता था। आरोपी मालाड के मालवणी इलाके में सक्रिय थे, जहां ये बेरोजगार युवाओं को झूठे नौकरी के वादों से फंसाते थे।
एक 20 वर्षीय महिला ने पुलिस को शिकायत दी कि उसने नौकरी के लिए दस्तावेज दिए थे, जो बाद में धोखे से बैंक खाता खोलने में इस्तेमाल किए गए। उसे जीएसटी विभाग से नोटिस मिलने के बाद संदेह हुआ और उसने मालवणी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने विशेष ऑपरेशन चलाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़े साइबर क्राइम नेटवर्क का हिस्सा है, जिसकी जांच अब और गहराई से की जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान स्रोत से नौकरी के प्रस्ताव पर अपने दस्तावेज साझा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें।