महाराष्ट्र के 46 पुलिसकर्मियों को मिला राष्ट्रपति पदक सम्मान
संवाददाता/in24 न्यूज़।
स्वतंत्रता दिवस पर महाराष्ट्र के 46 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया. एंटी टेरर स्क्वॉड में डिप्टी कमिश्नर विक्रम देशमाने, डोंगरी इलाके के एसीपी अविनाश धर्माधिकारी और क्राइम ब्रांच के एसीपी नेताजी भोपले का नाम सराहनीय सेवा पुलिस मेडल्स की लिस्ट में है. जबकि साकीनाका जोन के एसीपी मिलिंद खेतले को प्रतिष्ठित सेवा के लिए यह पदक दिया गया. इसके अलावा इकोनॉमिक ऑफेन्स विंग में एसीपी किरण पाटील, डिप्टी एसपी गोपिका जहांगीर, इंस्पेक्टर अब्दुल रऊफ शेख, प्रकाश कदम के नाम भी इसमें शामिल हैं. आईपीएस अधिकारी विक्रम देशमाने ने एटीएस जॉइन करने से पहले मुंबई में जोन-11 व जोन 5 में भी बतौर डीसीपी काम किया. उन्होंने मालवणी ज़हरीली शराब कांड, हेमा उपाध्याय-वकील हरेश भंभानी डबल मर्डर केस, शेयर दलाल सीनियर सीटीजन हत्याकांड, मालवणी ट्रिपल मर्डर केस, शिवसेना नेता सचिन सांवत हत्याकांड, कांदिवली फुटपाथ बच्चा चोरी मामले जैसे कई गंभीर और चुनौती पूर्ण मामले सुलझाए.एसीपी मिलिंद खेतले को इससे पहले भी राष्ट्रपति मेडल मिल चुका है. उन्होंने लंबे समय तक मुंबई क्राइम ब्रांच में काम किया. आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के दौरान गुरुनाथ मयप्पन को मुंबई लाने वाली टीम में वह शामिल थे. इनके कारनामों में गोरेगांव इलाके में एक एग्ज़ीबिशन से तक़रीबन 6 करोड़ के डायमंड्स चोरी करने वाले शातिर की दुबई से गिरफ्तारी भी शामिल है.करीब एक दशक पहले 'अ वेडनसडे' फिल्म आई थी. अनुपम खेर, नसीरूद्दीन शाह अभिनित इस फिल्म की कहानी मूल रूप से जलीस अंसारी पर केंद्रित थी, जिसने कई साल पहले मुंबई सहित पूरे देश में बम धमाकों से दहशत फैला रखी थी. जलीस मुंबई में जिस केस की वजह से पकड़ा गया, उस डिटेक्शन टीम में नेताजी भोपले एक अहम् हिस्सा थे. राष्ट्रपति पदक से सम्मानित सभी 46 पुलिसकर्मियों की गौरवगाथा उनकी हिम्मत, ज़ज़्बे, देशप्रेम का परिचय देती है.