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अकोला जेल में कैदी ने कुएं में कूदकर दी जान

24 Jul, 2026 130

 

महाराष्ट्र के अकोला जिला कारागार में बुधवार को एक बार फिर सनसनी फैल गई। जेल परिसर के अंदर बने कुएं में एक विचाराधीन कैदी ने कूदकर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान अभी जेल प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर नहीं बताई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वो पत्नी की हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में बंद था। घटना दोपहर के समय की है। रोज की तरह कैदियों को परिसर में घूमने की छूट दी गई थी। इसी दौरान ये कैदी अचानक जेल के अंदर बने पुराने कुएं की तरफ गया और उसमें छलांग लगा दी। वहां मौजूद अन्य कैदियों ने शोर मचाया तो जेलकर्मी दौड़कर पहुंचे। फौरन पुलिस और दमकल की टीम को बुलाया गया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गया। उसे तुरंत सर्वोपचार अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक महेंद्र जोशी ने बताया कि कैदी हत्या के एक मामले में पिछले कुछ दिनों से अकोला जेल में बंद था। उस पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप था और मामला कोर्ट में विचाराधीन था। आत्महत्या के पीछे की वजह अभी साफ नहीं है। ये अकेली घटना नहीं है। अकोला जेल में पिछले 48 घंटे में ये दूसरी मौत है। इससे पहले 25 मई को 42 साल के दीपक रामदास चातारकर नाम के एक विचाराधीन कैदी की भी जेल में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। उसे भी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मृत घोषित कर दिया गया था। लगातार दो मौतों से जेल प्रशासन और पुलिस दोनों सकते में हैं। 

 आखिर ऐसा क्यों हुआ
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कैदी मानसिक तनाव में था। पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद होने के कारण वो डिप्रेशन का शिकार हो गया था। जेल सूत्रों का कहना है कि उसने कई बार अकेले रहने की बात भी कही थी। हालांकि आत्महत्या के पीछे कोई और वजह है या नहीं, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के बाद ही होगा। जेलों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सुरक्षा के बावजूद कैदी के पास तक कुएं तक पहुंच जाना और वहां कोई रोक-टोक न होना, ये जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

 सरकार और पुलिस की भूमिका

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी जेल पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जेल अधीक्षक महेंद्र जोशी ने कहा कि पूरे मामले की आंतरिक जांच की जाएगी और ये भी देखा जाएगा कि कैदी कुएं तक कैसे पहुंचा। पुलिस ने BNS की संबंधित धाराओं में मर्ग दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण पता चल पाएगा।

 देश में क्या असर पड़ा
अकोला जेल में 48 घंटे में दो कैदियों की मौत से स्थानीय लोगों और मानवाधिकार संगठनों में नाराजगी है। सवाल उठ रहे हैं कि जेल में कैदियों की मानसिक स्थिति पर नजर क्यों नहीं रखी जाती। सोशल मीडिया पर लोग जेल प्रशासन की लापरवाही की बात कर रहे हैं। पिछले साल भी देश के कई जेलों से ऐसी खबरें आई थीं। बैतूल जेल में एक महिला कैदी ने कांच की चूड़ियां निगल ली थी, और कहीं कैदियों ने फांसी लगाकर जान दी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जेलों में काउंसलिंग और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।

आगे का रास्ता

फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। जेल में CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि ये पता लग सके कि कैदी कब और कैसे कुएं तक पहुंचा। राज्य सरकार से मांग की जा रही है कि सभी जेलों में सुरक्षा ऑडिट हो और मानसिक स्वास्थ्य के लिए डॉक्टरों की तैनाती की जाए।

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