भिवंडी में 4 मंजिला इमारत ढही 5 से ज्यादा की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर से बुधवार को एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। यहां एक 4 मंजिला आवासीय इमारत का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में अब तक 5 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। NDRF, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा सुबह के समय हुआ। अचानक तेज आवाज के साथ इमारत का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा। देखते ही देखते मलबे का ढेर लग गया और सड़क पर धूल का गुबार छा गया। आसपास रहने वाले लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि इमारत का अगला हिस्सा पूरी तरह से टूटकर सड़क पर आ गिरा है। मलबे में गाड़ियां और बाइक भी दब गई हैं। गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की 3-4 इमारतों में भी कंपन महसूस किया गया।
सूचना मिलते ही भिवंडी नगर निगम, ठाणे आपदा प्रबंधन टीम, NDRF और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। क्रेन, जेसीबी और कटिंग मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम चल रहा है। NDRF के अधिकारियों ने बताया कि मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की संभावना है। इसलिए बहुत सावधानी से मलबा हटाया जा रहा है ताकि किसी की जान को और खतरा न हो। अब तक मलबे से 8 से ज्यादा लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जिनमें से 5 की मौत हो चुकी है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू में प्रशासन का साथ दिया। लोग शक्तियों में मलबा हटाते और फंसे लोगों को पानी देते नजर आए।
प्रशासन के अनुसार अब तक 5 शव बरामद किए जा चुके हैं। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिवंडी के सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। 8 घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ज्यादातर पीड़ित इमारत में किराए पर रहने वाले मजदूर और उनके परिवार बताए जा रहे हैं।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसे का शिकार हुई इमारत काफी पुरानी थी और जर्जर हालत में थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार नगर निगम को इमारत की जर्जर हालत की शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। भिवंडी नगर निगम के आयुक्त ने कहा, "हमने इलाके की सभी पुरानी और खतरनाक इमारतों की सूची मांगी है। हादसे के कारणों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है। दोषी अधिकारियों और बिल्डर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने ये भी कहा कि हादसे के बाद इलाके की आसपास की 10 इमारतों को खाली कराया गया है क्योंकि उनके गिरने का खतरा है।
भिवंडी को टेक्सटाइल और पावरलूम सिटी के नाम से जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में मजदूर रहते हैं। तेजी से बढ़ती आबादी के कारण यहां अवैध और बिना मानक के बनी इमारतों की संख्या भी ज्यादा है। पिछले 10 सालों में भिवंडी में 4 बड़ी इमारत गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यहां भूजल का स्तर नीचे जाना, घटिया निर्माण सामग्री और मेंटेनेंस न होना हादसों की बड़ी वजह है। मानसून में लगातार बारिश के कारण भी जर्जर इमारतें ढह जाती हैं।
हादसे वाली इमारत में रहने वाले रमेश यादव ने बताया, "मैं सुबह ड्यूटी पर जा रहा था। तभी पीछे से धमाके की आवाज आई। पलटकर देखा तो मेरा पूरा घर मलबे में तब्दील हो चुका था। मेरी पत्नी और 2 बच्चे अंदर थे।" प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के लिए पास के स्कूल में अस्थायी शेल्टर बनाया है। खाने-पीने और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घायलों के इलाज का खर्च भी सरकार उठाएगी।