समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे यात्री, रेल सेवा बाधित
समस्तीपुर। बिहार में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। समस्तीपुर से सहरसा जा रही पैसेंजर ट्रेन के इंजन में अचानक आग लग गई। आग लगे ही ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि गनीमत रही कि समय रहते इंजन में आग लगने का पता चल गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना सुबह करीब 8:30 बजे समस्तीपुर जंक्शन से कुछ किलोमीटर दूर कर्पूरीग्राम स्टेशन के पास हुई। आग लगने के बाद रेल यातायात करीब 3 घंटे तक बाधित रहा।
कैसे लगी आग?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन जैसे ही कर्पूरीग्राम स्टेशन के पास पहुंची, इंजन से धुआं निकलने लगा। कुछ देर बाद इंजन के अंदर से लपटें उठने लगीं। लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। लोको पायलट आर.के. सिंह ने बताया, "इंजन से अचानक तेज आवाज आई और फिर धुआं दिखा। मैंने तुरंत ट्रेन रोकी और कंट्रोल रूम को सूचना दी।" आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। रेलवे के वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या इंजन के ओवरहीट होने की आशंका जताई जा रही है। फॉरेंसिक टीम और रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
यात्रियों को ऐसे बचाया गया
आग लगते ही ट्रेन में बैठे करीब 400 यात्रियों में भगदड़ मच गई। ट्रेन स्टाफ और स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को तुरंत ट्रेन से उतारकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। सहरसा जा रही एक छात्रा प्रिया ने बताया, "अचानक धुआं देखा तो डर गए। टीटी ने चिल्ला कर सबको उतरने को कहा। 2 मिनट लेट होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।" फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियों ने करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक इंजन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।
रेल सेवा हुई बाधित
आग लगने के बाद समस्तीपुर-सहरसा रेलखंड पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया। इस रूट पर चलने वाली 6 पैसेंजर ट्रेनें और 2 एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित हुईं। कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा और कुछ को डायवर्ट किया गया। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया, "इंजन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। उसकी जगह दूसरा इंजन लगाकर दोपहर 12 बजे के बाद ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया।"
रेलवे ने क्या कहा?
पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, "यात्रियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। स्टाफ ने समय पर कार्रवाई कर बड़ा हादसा टाल दिया। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।" रेल मंत्री ने भी घटना पर दुख जताया और घायल होने की स्थिति में मुआवजे की घोषणा की। हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
बिहार में पिछले 2 सालों में ट्रेनों में आग लगने की 4-5 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 2024 में पटना-हावड़ा एक्सप्रेस और 2025 में मुजफ्फरपुर-पैसेंजर में भी इसी तरह आग लगी थी। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने इंजन और मेंटेनेंस की कमी इसकी बड़ी वजह है। रेलवे सुरक्षा आयोग के पूर्व सदस्य अनिल सक्सेना कहते हैं, "इंजन की नियमित जांच और आधुनिक अग्निशमन यंत्र लगाना जरूरी है। गर्मी में ओवरहीटिंग की समस्या बढ़ जाती है।"
यात्रियों और स्थानीय लोगों की मांग
घटना के बाद यात्रियों ने रेलवे से मांग की है कि सभी पैसेंजर ट्रेनों में अग्निशमन यंत्र और इमरजेंसी एग्जिट की सुविधा हो। स्थानीय विधायक ने भी रेल मंत्री को पत्र लिखकर समस्तीपुर मंडल में इंजन की जांच तेज करने को कहा है।
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल न होने के कारण किसी को अस्पताल नहीं ले जाना पड़ा। रेलवे ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक बस की व्यवस्था की।