छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं, एनडीए बैठक में पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, शिक्षा और रोजगार पर किया फोकस
21 जुलाई 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एनडीए की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए देश के छात्रों और युवाओं को लेकर बड़ा आश्वासन दिया। पीएम मोदी ने कहा कि "हम छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। हम उनके भविष्य को कोई नुकसान नहीं होने देंगे।"यह बैठक दिल्ली में हुई जिसमें केंद्रीय मंत्री, एनडीए के सहयोगी दलों के प्रमुख नेता और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में 2026 के लिए सरकार की रणनीति, जनकल्याणकारी योजनाओं और आगामी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की मुख्य बातें
1. शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता : पीएम मोदी ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 को जमीनी स्तर पर लागू करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमारा युवा देश का भविष्य है। अगर युवा शिक्षित और कुशल होगा तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा।
2. रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर जोर: बैठक में बेरोजगारी के मुद्दे पर भी लंबी चर्चा हुई। पीएम ने कहा कि सरकार स्टार्टअप, MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार के नए अवसर बना रही है। स्किल इंडिया मिशन को और तेज करने के निर्देश दिए गए। पीएम ने एनडीए शासित राज्यों से कहा कि वे अपने यहां इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाएं ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिल सके।
3. 2026 का रोडमैप: विकसित भारत बैठक में 2026 तक के लिए एनडीए का रोडमैप तैयार किया गया। इसमें गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का मुख्य एजेंडा बनाया गया। पीएम ने कहा कि "अगले 2 साल निर्णायक हैं। हमें हर घर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।"
एनडीए सहयोगियों को निर्देश
पीएम मोदी ने एनडीए के सभी सहयोगी दलों से अपील की वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधा संवाद करें। खासकर छात्रों, किसानों और महिलाओं की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करें। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल से ही जनता का विश्वास जीता जा सकता है।बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री और एनडीए के घटक दलों के नेता मौजूद थे।
राजनीतिक महत्व
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पीएम का ये बयान ऐसे समय में आया है जब देश में परीक्षाओं और शिक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पीएम का ये आश्वासन 2026 के चुनावों से पहले युवाओं को साधने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।बैठक के अंत में पीएम मोदी ने कहा, विकसित भारत की नींव हमारे युवा रखेंगे। इसलिए उनकी शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।