पवार की भूमिका से शिवसेना परेशान
संवाददाता/in24 न्यूज़.
शिवसेना समझ नहीं प् रही है कि एनसीपी के मुखिया शरद पवार के दिल और दिमाग में सरकार गठन को लेकर क्या चल रहा है! जाहिर है इससे वह असमंजस के साथ परेशान भी है. गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के बयान ने शिवसेना के अंदर चिंता बढ़ा दी है. पवार ने सोमवार को मुलाकात के बाद कहा था कि उन्होंने सोनिया गांधी के साथ न तो शिवसेना और न ही सरकार बनाने के बारे में बात की. पवार के इस बयान से शिवसेना के नेता के साथ-साथ कार्यकर्ता भी भ्रम की स्थिति में पहुंच गए हैं. बदली परिस्थिति में शिवसेना के नेता पर्दे के पीछे से कहने लगे हैं कि पार्टी के लिए यह अच्छा होगा कि वह एनसीपी से बातचीत छोड़ बीजेपी के साथ दोबारा सरकार बनाए. शिवसेना के एक विधायक ने कहा कि वह शरद पवार का बयान सुनकर सकते में है. शिवसेना विधायक ने कहा, हमारी पार्टी को इंतजार करना चाहिए और एनसीपी सुप्रीमो के साथ जाने से पहले 10 बार विचार करना चाहिए. उधर, शिवसेना के एक पदाधिकारी ने सवाल किया, यह किस तरह की राजनीति है? शिवसेना जैसी पार्टी जो 80 फीसदी सामाजिक सेवा और 20 प्रतिशत राजनीति करती है, के लिए यह बेहतर होगा कि वह एनसीपी-कांग्रेस से दूर रहे और बीजेपी के साथ हाथ मिला ले. उधर, इस पूरे मुद्दे को लेकर रोज ट्वीट करने वाले शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, अगर जिंदगी में कुछ पाना हो तो तरीके बदलो इरादे नहीं... जय महाराष्ट्र. उनका ट्वीट इस बात के संकेत दे रहा है कि शिवसेना सरकार बनाने के लिए हर तरह के विकल्प पर कदम बढ़ाने को तैयार है. इससे पहले राउत ने शरद पवार के बयान पर कहा था, सरकार बनाने की जिम्मेदारी शिवसेना की नहीं थी. यह जिनकी जिम्मेदारी थी, वे भाग निकले हैं. लेकिन मुझे भरोसा है कि हम जल्दी ही सरकार बना लेंगे. अब तक सरकार बनाने का दावा करने वाले संजय राउत का अब जिम्मेदारी की बात कहना बताता है कि कहीं न कहीं कुछ पेच जरूर फंस गया है. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने शिवसेना के साथ किसी मिनिमम कॉमन प्रोग्राम पर सहमति से ही इनकार कर दिया था. यही नहीं, उन्होंने सरकार गठन को लेकर शिवसेना को किसी तरह का भरोसा दिए जाने के सवाल पर भी चुप्पी साध ली थी. बाद में शरद पवार ने ट्वीट कर कहा, नई दिल्ली में आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधीजी से भेंट कर महाराष्ट्र की राजनीतिक परिस्थितियों के बारे में चर्चा की.