बीजेपी ने संजय राउत को चुप रहने की दी सलाह
संवाददाता/in24 न्यूज़.
शिवसेना सांसद संजय राउत जिस तरह लगातार दावा कर रहे थे कि शिवसेना का ही मुख्यमंत्री होगा और सरकार का नेतृत्व उद्धव ठाकरे ही करेंगे, उसपर मुहर नहीं लग पाई. उसके बाद बीजेपी ने संजय राउत को अब चुप रहने की सलाह दी है. दी है. गौरतलब है कि महाराष्ट्र में बीजेपी के देवेंद्र फड़णवीस के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद राज्य बीजेपी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि हमारे पास 170 विधायकों का समर्थन है. चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को 161 विधायक मिले थे, लेकिन शिवसेना ने जनादेश को धोखा दिया. पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से ही शिवसेना ने विकल्प के बारे में बात करनी शुरू कर दी थी. चंद्रकांत पाटिल ने कहा, संजय राउत को अब कम से कम चुप रहना चाहिए. उन्होंने शिवसेना को बर्बाद कर दिया है. दूसरी ओर, बीजेपी के एक अन्य नेता गिरीश महाजन ने कहा, हम 170 से अधिक विधायकों के समर्थन के साथ बहुमत साबित करेंगे. अजीत पवार ने अपने विधायकों के समर्थन के बारे में राज्यपाल को एक पत्र दिया है और चूंकि वह राकांपा के विधायक दल के नेता हैं, जिसका मतलब है कि सभी राकांपा विधायकों ने हमारा समर्थन किया है. दूसरी ओर, संजय राउत ने कहा, कल शाम तक ये महाशय (अजीत पवार) हमारे साथ बैठकों में थे, लेकिन वे नजरें नहीं मिला पा रहे थे. जिसकी नजर में खोट होता है, वो नजरें नहीं मिला पाता है. संजय राउत ने कहा, अजीत पवार ने अपने चाचा शरद पवार को धोखा दिया है. यह न केवल शरद पवार के साथ धोखा है, बल्कि महाराष्ट्र की जनता के साथ धोखा है. शिवाजी की धरती के साथ धोखा है. अजीत पवार और उनके साथ के विधायकों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों से छल किया है. संजय राउत ने कहा, शनिवार सुबह जो भी हुआ, उससे साबित होता है कि राजभवन की शक्तियों का दुरुपयोग हुआ है. हमें लगता था कि राज्यपाल आरएसएस से आए हैं, अच्छे और संस्कारी व्यक्ति हैं, लेकिन महाराष्ट्र में जो पाप हुआ है, उसमें राजभवन बराबर की साझीदार है.