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महाराष्ट्र में सरकार गठन की दिशा में जबरदस्त तैयारी

21 Nov, 2019 1040

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
महाराष्ट्र में किसकी सरकार बनेगी इसमें भले ही सस्पेंस हो, मगर यह साफ़ है कि सरकार गठन की दिशा में जबरदस्त तैयारी चल रही है. संसद का सत्र जारी रहने की वजह से कांग्रेस-एनसीपी के साथ-साथ शिवसेना नेताओं ने भी दिल्ली में डेरा डाला हुआ है और बैठकों का दौर पिछले तीन दिनों से जारी है. लेकिन बुधवार शाम को सूत्रों से जो खबर मिली है उसके अनुसार कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने अपनी पार्टी के नेताओं को शुभ संकेत दिए हैं. बुधवार को दोपहर महाराष्ट्र के नेता पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण, प्रदेश अध्यक्ष बालासाहब थोरात, पूर्व मंत्री नसीम खान ने कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल की उपस्थिति में सोनिया गांधी के साथ बैठक की. बताया जा रहा है कि बैठक में शिवसेना और एनसीपी के साथ साझा सरकार बनाने को सहमति मिल गयी है. इस बैठक के ख़त्म होने के तुरंत बाद कांग्रेस के ये सभी नेता अहमद पटेल के नेतृत्व में एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर पंहुचे. वंहा पर बैठक जारी है. उस बैठक में शरद पवार के अलावा अजित पवार ,पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ,पूर्व मंत्री छगन भुजबल ,सुप्रिया सुले ,नवाब मलिक आदि उपस्थित रहे. बताया जा रहा है कि गठबंधन के दोनों दल यंहा पर अपनी पूरी रणनीति तय करने के बाद शिवसेना नेताओं से मिलेंगें. शिवसेना नेताओं के साथ यह निर्णायक बैठक आज हो सकती है. इससे पहले बुधवार दोपहर जब एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने किसानों को मुआवजे के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की थी तो मीडिया में अटकलों का दौर शुरू हो गया था. यह खबरें प्रकाशित होने लगी थी कि शरद पवार को भाजपा ने राष्ट्रपति पद और उनकी पार्टी के नेताओं को केंद्र और राज्य सरकार में अहम मंत्रालय का प्रलोभन देकर महाराष्ट्र में सत्ता स्थापित करने के समीकरण को बदल दिया है. हालांकि बुधवार सुबह ही शिवसेना नेता संजय राउत ने मीडिया को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा था कि वह अफवाहों का बाजार गर्म ना करे. संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश की वजह से किसानों की फसलें बर्बाद हो गयी और हम सभी चाहते थे कि शरद पवार जिन्हें प्रदेश की समस्याओं का बेहतर अनुभव है प्रधानमंत्री से मिलकर किसानों के लिए कोई विशिष्ट पॅकेज जारी करवाएं. राउत ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रपति शासन है ऐसे में यह और जरूरी था कि केंद्र सरकार को स्थिति से अवगत कराया जाए. दिल्ली में बैठकों को लेकर भी संजय राउत ने यह कहा कि गुरुवार सुबह तक सब कुछ साफ़ हो जाएगा. संजय राउत ने मोदी से मुलाक़ात के बाद भी शरद पवार से बैठक की है. उधर मंगलवार रात को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के सभी नवनिर्वाचित विधायकों को आदेश दिए हैं कि वे पांच दिन के सामान के साथ मुंबई आ जाएँ. शुक्रवार को उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी के विधायकों की बैठक लेने वाले हैं. उन्होंने सभी विधायकों से कहा है कि वे अपने आधार कार्ड और पहचान पत्र के साथ मुंबई आएं. शिवसेना के इस दिशा निर्देश के बाद यह अटकलें तेज हो गयी थी कि सरकार बनाने की गुत्थी सुलझने वाली है. सूत्रों से जो खबर मिली है उसके अनुसार राज्यपाल अब सिर्फ पार्टी के पत्रों के आधार पर भी बहुमत सिद्ध करने का न्यौता नहीं देने वाले हैं. बताया जा रहा है कि अब हर पार्टी को अपने विधायकों की सूची उनके पहचान पत्र, आधार कार्ड और हस्ताक्षर के साथ पेश करनी होगी तभी जाकर उनके दावे पर विचार किया जा सकता है. वंही संजय राउत ने कहा कि अगले पांच-छह दिनों में महाराष्ट्र में मजबूत सरकार का गठन किया जाएगा. शिवसेना के सांसद राउत ने कहा कि सरकार बनाने की प्रक्रिया अगले 5-6 दिनों में पूरी हो जाएगी और दिसंबर से पहले महाराष्ट्र में एक लोकप्रिय और मजबूत सरकार का गठन किया जाएगा. बता दें कि महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 105, शिवसेना के पास 56 सीटें हैं, जबकि राकांपा और कांग्रेस के पास क्रमश: 54 और 44 सीटें हैं. राज्य में सरकार बनाने को इच्छुक किसी भी दल या गठबंधन को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 145 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी.

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