PAHLAGAAM ATTACK: मोदी की चुप्पी और शिवसेना का हमला
22 अप्रैल 2025 का दिन शायद ही देश भूल पायेगा, पाहलगाम में आतंकी हमला हुआ इस हमले ने पुरे देश को झंकझो कर रख दिया था , जहा देश अभी पहलगाम हमले से उभर नहीं पाया और देश में इसको लेकर राजनीती शुरू हो चुकी है, उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी का दावा है कि उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम हमलों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजनीति की. उद्धव गुट की ओर से कहा गया है कि पहलगाम हमले में शहीद हुए लोगों को अब तक न्याय नहीं मिला है. इसी के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को एक भावनात्मक राजनीतिक चाल बताया गया है. दरसल शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला गया है. लेख में कहा गया है कि उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकी हमले मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए और इन हमलों का राजनीतिक फायदा उठाकर बीजेपी ने वोट मांगे. इन शहीदों को असली न्याय आज तक नहीं मिला. पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला देते हुए शिवसेना ने कहा कि अब वही मोदी ‘युद्ध अच्छा नहीं होता’ और ‘यह युद्ध का समय नहीं है’ जैसी शांति की बातें कर रहे हैं. ठाकरे गुट ने तंज कसते हुए कहा कि इस बदले हुए रवैये का श्रेय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया जाना चाहिए, क्योंकि उन्हीं के दबाव में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई रुकी.
वही एयर इंडिया प्लेन क्रैश पर भी शिवसेना ने मोदी सरकार को घेरा सामना में कहा गया है कि अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई थी. उस समय पूरा देश शोक में डूबा था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी उस वक्त साइप्रस दौरे पर गए हुए थे. वहां हंसते-खेलते फोटो खिंचवा रहे थे. इसी बात को लेकर ठाकरे गुट ने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि जब वे साइप्रस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पहनकर भारत लौटें, तब उन्हें उन 26 बहनों की याद रखनी चाहिए जिनके माथे से सिंदूर उजड़ गया.
शिवसेना ने नोटबंदी पर भी हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकियों की फंडिंग रोकने के लिए नोटबंदी की, लेकिन उसमें आम जनता पिसी और आतंकी गतिविधियां बंद नहीं हुईं. अगर अब भी आतंकियों को आर्थिक मदद मिल रही है तो इसके लिए गृह मंत्रालय जिम्मेदार है. शिवसेना ने तंज कसा कि “सिंदूर की रक्षा के लिए जिन लोगों ने युद्ध के विमान उड़वाए थे, वही मोदी अब शांति के कबूतर उड़ा रहे हैं.”
पहलगाम का बदला अधूरा
शिवसेना ने यह सवाल भी उठाया कि क्या पहलगाम हमले में जिन महिलाओं का सिंदूर उजड़ गया, उन्हें इंसाफ मिला? जिन चार आतंकवादियों ने हमला किया था, उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. ठाकरे गुट ने मांग की है कि उन चारों को पकड़कर दिल्ली के इंडिया गेट पर गोली मारी जाए, तभी जाकर पहलगाम का बदला पूरा होगा.