ओलंपिक पर कोरोना वायरस की लटकी तलवार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. अगर यही हाल रहा और समय रहते उसपर काबू नहीं पाया गया तो हो सकता है ओलंपिक का आयोजन रद्द कर दिया जाए. जापान में कोरोना वायरस के नए मामलों की पुष्टि होने के बाद ओलंपिक 2020 को लेकर चिंता बढ़ रही है. 24 जुलाई को शुरू होने वाले खेलों के महाकुंभ के लिए अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि अगर कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू नहीं पाया गया तो यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है और ऐसे में ओलपिंक को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने और खेल का समय नहीं बदलने के बजाए उसे स्थगित कर दिया जाएगा. डिक पाउंड जो कि पूर्व कनाडाई तैराकी चैंपियन और साल 1978 से आईओसी में रहे हैं उन्होंने कहा है कि टोक्यो ओलपिंक पर फैसला लेने के लिए अधिकारियों के पास दो या तीन महीने का समय बचा है. उन्होंने कहा है टोक्यो में ओलपिंक खेलों का आयोजन होगा या नहीं इस पर मई अंत कर फैसला संभव है. मंगलवार को जापान के चिबा शहर में कोरोना वायरस के तीन नए मामलों की पुष्टि की गई. चिबा, टोक्यो के उत्तर में स्थित हैं जो ओलंपिक के ताइक्वांडो, तलवारबाजी, कुश्ती और सर्फिंग के साथ-साथ चार पैरालंपिक प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने वाला है. बता देंस जापान में अभी तक इस वायरस से मरने वालों की संख्या 4 हो गई है. दो महीने पहले चीन में शुरू हुआ वायरस का प्रकोप वैश्विक स्तर देखा जा रहा है. इस वायरस से अभी तक कुल 80,000 से अधिक लोगों को संक्रमित हो चुके हैं जबकि 2,700 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. पहले चीन ने इस बात का ऐलान किया था कि कोरोनावायरस के मामलों में गिरावट आई है लेकिन दक्षिण कोरिया, मध्य पूर्व और यूरोप में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने के बाद एक बार फिर इस वायरस ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है. साल 1896 से ओलंपिक खेल की शुरूआत हुई थी तब से लेकर अभी तक मात्र एक बार इसका आयोजन रद्द करना पड़ा है. 1940 में ओलंपिक टोक्यो में होने वाला था लेकिन उस दौरान दूसरा विश्व युद्ध चल रहा था, जिसके कारण इस ओलपिंक को बंद कर दिया गया था. वहीं साल 2016 में जीका वायरस पूरे ब्राजील में फैला था फिर भी ओलंपिक खेलों का आयोजन हुआ था.