ट्विटर पर भीड़ गए पोलैंड के राजदूत और शिवसेना की उपनेता प्रियंका चतुर्वेदी, जानें माजरा
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बाद वहां 20 हजार से अधिक भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, जिनमें से अधिकांश छात्र हैं जो वहां मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए गए हैं. हालांकि भारत सरकार वहां से अपने नागरिकों को निकाल भी रही है. लेकिन भारत सरकार के प्रयासों को लेकर शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने स्टूडेंट्स को यूक्रेन से सुरक्षित निकाले जाने की कोशिशों पर ट्वीट करके सवाल उठाए, अपने ट्वीट में उन्होंने भारत स्थित पोलैंड दूतावास को भी टैग किया। जिसके बाद पोलैंड के राजदूत ने उन्हें जवाब भी दिए. इस ट्वीटर वार में प्रियंका चतुर्वेदी और भारत में पोलैंड के राजूदत एडम बुराकोव्स्की के बीच कहासुनी हो गई.
लेकिन बात यहीं थमी नहीं. देर रात क़रीब पौने 11 बजे प्रियंका चतुर्वेदी ने एक और ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने एडम बुराकोव्स्की, भारत में पोलैंड और लिथुआनिया के दूतावास के साथ ऑपरेशन गंगा के ट्विटर हेल्पलाइन और भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची को भी टैग किया.
उन्होंने लिखा, ''श्रीमान, पूरे सम्मान के साथ कहती हूं कि जो आप कह रहे हैं, स्टूडेंट्स वही बात नहीं कह रहे हैं. यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि आपने इस ख़बर को फ़ेक न्यूज़ बताया है, लेकिन मुझे वहां फंसे हुए लोगों के नंबर और उनके नाम साझा करते हुए ख़ुशी होगी. और मैं तारीफ़ करूंगी यदि फ़ेक न्यूज़ का हल्ला करने से पहले ख़बर की तह तक जाने की ज़रूरी तहज़ीब दिखाई जाती. धन्यवाद!''
चतुर्वेदी के बाद इस ट्वीट के जवाब में भारत में पोलैंड के राजदूत बुराकोव्स्की ने फिर से लिखा, ''और प्लीज़ मैडम! मैं मदद के लिए हमेशा तैयार हूं. मैं अपना नंबर यहां शेयर नहीं कर सकता, लेकिन प्लीज़ मुझे सीधा मैसेज़ भेजिए.''
उससे पहले एक अन्य ट्वीट में पोलैंड के राजदूत बुराकोव्स्की ने लिखा था, ''डियर मैडम, मुझे पूरा यकीन है कि ऐसा नहीं हुआ है. कॉन्टैक्ट्स के साथ सूची यहां साझा नहीं की जा सकती, इसलिए कृपया उसे पोलैंड में भारतीय दूतावास के साथ साझा करें, क्योंकि वे इस मामले को देख रहे हैं और वे फंसे हुए लोगों की मदद कर सकते हैं. हम एचई नगमा मलिक के लगातार संपर्क में हैं.''
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे लिखा, ''कभी भी मेरे देश और देशवासियों के प्रति निष्ठा पर सवाल मत कीजिए, जैसे मैं आपकी निष्ठा पर सवाल नहीं करूंगी.''
फिर इस ट्वीट का जवाब देते हुए राजदूत ने लिखा, ''डियर मैडम, रूस के हमले के बाद से अब तक सभी नेशनलिटी के क़रीब 3 लाख शरणार्थी यूक्रेन से पोलैंड की सीमा में दाख़िल हो चुके हैं. उनमें से क़रीब 1,200 लोग भारत के नागरिक हैं, जबकि अभी कई और लोग आ रहे हैं. पोलैंड ज़रूरत चाहने वालों की मदद करता है. हमारे अधिकारी भारत के अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं.''