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धर्मेंद्र प्रधान से पहले इस देश की शिक्षा मंत्री ने भी दिया इस्तीफा

26 Jul, 2026 170


इन दिनों शिक्षा को लेकर काफी चर्चा हो रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। वहीं ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा मंत्री इवेट बेरी के इस्तीफे की खबर भी सामने आई है। दोनों देशों में छात्र और अभिभावक परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज हैं। इसी वजह से विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। भारत में नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में गुस्सा है। 3 मई को परीक्षा देने वाले हजारों छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ सकती है। इससे बच्चों और उनके घर वालों में निराशा है। इसी मुद्दे को लेकर बालाघाट में युवक कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने काली पुतली चौक पर धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस और दमकल वाले पुतला बुझाने पहुंचे तो कार्यकर्ता जलता पुतला लेकर भाग गए। बाद में गाड़ी से आग बुझाई गई। जिलाध्यक्ष शिवम विश्वकर्मा ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होना शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी दिखाता है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बड़ा प्रदर्शन हुआ। छात्र और युवा सड़क पर उतरे। उनकी मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी "इस्तीफा दो" के नारे खूब चले।

उधर ऑस्ट्रेलिया में भी शिक्षा मंत्री इवेट बेरी के इस्तीफे की खबर आई है। वहां भी शिक्षा व्यवस्था और नीतियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पहले धर्मेंद्र प्रधान कई बार ऑस्ट्रेलिया गए थे। उन्होंने वहां के शिक्षा मंत्रियों से मुलाकात की थी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच छात्रों की पढ़ाई, कौशल और विश्वविद्यालयों के सहयोग पर बात हुई थी। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की संख्या काफी है। इस वजह से दोनों देशों के शिक्षा मंत्री अक्सर साथ में काम करते हैं। पिछले कुछ समय से पेपर लीक, परीक्षा रद्द होना और नतीजों में देरी जैसी खबरें आ रही हैं। इससे छात्रों का भरोसा टूट रहा है छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं आएगी, तब तक विरोध चलते रहेंगे।

अभी तक शिक्षा मंत्रालय की तरफ से कोई बड़ा बयान नहीं आया है। पर सूत्रों का कहना है कि सरकार मामले की जांच कर रही है और जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। छात्रों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं सरकार पर दबाव है कि वह शिक्षा व्यवस्था को सुधारे। अभी देखना होगा कि धर्मेंद्र प्रधान और इवेट बेरी के इस्तीफे की मांग पर क्या फैसला होता है।

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