मुंबई में प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई, आदित्य-अमित ठाकरे समेत कई नेताओं पर एफआईआर
मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे समेत कई नेताओं के खिलाफ मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी है। यह मामला दादर स्थित शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। नेताओं पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने, गैरकानूनी सभा करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।
दरअसल, रविवार यानी 11 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इस प्रदर्शन में शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से जुड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। प्रदर्शन का उद्देश्य चुनाव आयोग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करना और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाना था।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक, इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों के जुटने पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और लोगों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे ने विरोध जताया। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद दोनों नेता खुद भी प्रदर्शन में शामिल हो गए।
इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने दोनों नेताओं के साथ मौजूद अन्य नेताओं और पदाधिकारियों को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। दर्ज मामले में गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने, सरकारी कामकाज में बाधा डालने और बिना अनुमति प्रदर्शन करने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
इस कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर ठाकरे परिवार से जुड़े दोनों राजनीतिक दलों की भूमिका चर्चा में आ गई है। एक तरफ शिवसेना यूबीटी और मनसे के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, तो दूसरी तरफ पुलिस ने अनुमति के बिना प्रदर्शन करने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। यह देखना अहम होगा कि जांच के दौरान पुलिस किन तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ती है और इस मामले में संबंधित नेताओं को लेकर अगला कदम क्या उठाया जाता है।