कोरोना और नौकरी पर खतरे से हो रही हैं आत्महत्याएं
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना वायरस ने जहां लोगों की ज़िंदगी तक चीन ली, वहीं इसके खौफ और लॉकडाउन के बीच बेरोजगार होने के खतरे ने लोगों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया. आत्महत्याओं की खबरें देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी मिल रही है। हालिया घटना में अलीगढ़ के युवक ने नौकरी जाने की आशंका के मद्देनजर आत्महत्या कर ली। मोहम्मद हैदर मीट फैक्ट्री में काम करता था। लॉकडाउन के बाद वो अक्सर गुमसुम रहने लगा था। वो परिवार और मां से अक्सर नौकरी जाने की चिंताएं साझा किया करता था। इस बीच एक दिन हैदर ने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अलीगढ़ के आलमबाग इलाके में मोहम्मद हैदर की आत्महत्या से लोग सकते में हैं। हैदर की उम्र महज20 साल थी। कहने को तो उसके पास पूरी जिंदगी बाकी थी। लॉकडाउन के थपेड़ों को बर्दाश्त नहीं कर सका। पुलिस को परिजनों ने बताया कि हैदर बेहद मानसिक दबाव में था। जिस तरह की परिस्थितियों से हैदर को दो चार होना पड़ा। कुछ ऐसा ही आलम देश के लाखों युवाओं को झेलना पड़ रहा है। बड़ी बड़ी कंपनियों में नौकरी से निकालने की लिस्ट बन रही है। स्किल्ड वर्कफोर्स के लिए भी नौकरी बचानी मुश्किल हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील की थी कि नियोक्ता अपने कर्मचारियों न निकालें और न ही लॉकडाउन के दौरान उनकी सैलरी काटें। वहीं नियोक्ताओं की भी अपनी मुश्किलें हैं। काम काज और उत्पादन ठप होने के कारण नियोक्ता अपने कर्मचारियों को भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं। कोरोना वायरस का कहर ऐसा कि लोग जल्दी ही मानसिक तनाव में आ जाते हैं। वायुसेना की मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस में बतौर पाइप फिटर कार्यरत युवक ने दो दिनों पहले ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्वालियर के डीडी नगर स्थित हिल व्यू कॉलोनी के हॉस्टल में युवक को होम क्वारंटीन किया गया था। हालांकि युवक का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल नहीं लिया गया। बावजूद इसके युवक बेहद डरा हुआ था। उसने बीमारी की आशंका के मद्देनजर आत्महत्या कर ली। पिछले हफ्ते ही दिल्ली से सटे गुरुग्राम के आचार्यपुरी इलाके में पत्नी के कोरोना पॉजिटिव आने पर पति ने आत्महत्या कर ली। बुजुर्ग अपने कमरे में फांसी पर लटक गए। पिता की मौत की खबर बेटे ने पुलिस को दी। पुलिस ने मौके से बुजुर्ग का सुसाइड नोट भी बरामद किया था। जिसमें कोरोना के चलते मानसिक दबाव की बातें लिखी थीं। महाराष्ट्र के वर्धा में एक प्रवासी श्रमिक की आत्महत्या का बेहद दर्दनाक मामला सामने आया। श्रमिक तेलंगाना के हैदराबाद में काम करता था। जहां लॉकडाउन के बाद फैक्ट्री बंद होने से वो बेरोजगार हो गया था। लॉकडाउन के आलम में ही वो पैदल हैदराबाद से अपने घर के लिए रवाना हुआ। करीब सौ किलोमीटर चलने के बाद उसके पैसे खत्म हो गये तो वो बेहद निराश हुआ। उसने रास्ते में ही कहीं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।