पिता की मौत के बाद बेटियों ने आत्महत्या की, एक की मौत दूसरी बचाई गई
संवाददाता/in24 न्यूज़।
अपने पिता की मौत के बाद दो बहनें इस कदर टूट गईं कि उनमें से एक ने समंदर में कूदकर जान दे दी और दूसरी बहन ने जब आत्महत्या करने की कोशिश की, तो मौके पर मौजूद लोगों की उस पर नजर पड़ गई और उसे किसी तरह बचाया। लेकिन इस वाकिये को जिसने भी सुना उसका दिल पसीज उठा। यह घटना पालघर जिले के अंतर्गत आने वाले विरार के अरनाला बीच की है। दरअसल 72 वर्षीय बुजुर्ग हरिदास अपनी दो बेटियों के साथ विरार में रहते थे। 1 अगस्त के दिन उनके घर पर ही उनकी मौत हो गई, जिसके बाद हरिदास की दोनों बेटियों को यह लगा कि पिता की मौत कोरोनावायरस से हुई है जिसके चलते उन्हें भी क्वारंटाइन कर दिया जाएगा। इसी डर से दोनों बहनों ने अपने पिता की डेड बॉडी को 4 दिनों तक अपने फ्लैट में रखा था। शव से दुर्गंध ना आए, इसलिए दोनों बहनों ने कपूर और अगरबत्ती लगातार जलाए रखा था। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई पिता की मौत से दोनों बहने इस कदर टूट गईं कि दोनों बहनों में से एक बहन ने अरनाला समंदर में कूद कर अपनी जान दे दी और दूसरी बहन ने दूसरे दिन सुबह अरनाला समंदर में आत्महत्या करने के लिए कूदने की कोशिश की, लेकिन वहां मॉर्निंग वॉक कर रहे लोगों की उस पर नजर पड़ी। जिसके बाद तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी गई और किसी तरह मौके पर पहुंचकर पुलिस ने उसे बचा लिया। दोनों बहनों की उम्र 40 और 36 साल के आसपास थी, जिसमें से एक बहन हमेशा हमेशा के लिए चली गई, पिता का साया पहले ही चला गया था। ऐसे में अरनाला बीच पर आत्महत्या करने पहुंची मृतक हरिदास की बेटी पूरी तरह से टूट गई थी। 1 अगस्त को पिता की मौत, 3 अगस्त को पहली बेटी ने आत्महत्या की और 4 अगस्त को आत्महत्या करने जब दूसरी बेटी पहुंची तो उसे किसी तरह बचा तो लिया गया, लेकिन अब वह पूरी तरह मानसिक रूप से बीमार हो चुकी है। पूछताछ के दौरान यह पता चला कि मृतक हरिदास सरकारी कर्मचारी के तौर पर रिटायर हुए थे, उनको मिलने वाले पैसों से ही घर चलता था अचानक हरिदास की मौत से दोनों बेटियां पूरी तरह बिखर गईं, इसलिए उन्होंने आत्महत्या करने का अचानक फैसला कर लिया। फिलहाल महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया है और मृतक हरिदास की डेड बॉडी को फ्लैट से पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।