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मनसुख हिरेन की मौत, हत्या या आत्महत्या ?

07 Mar, 2021 4156

शुभम मिश्रा/in24न्यूज़/ठाणे      

       उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटक से भरी कार बरामद किए जाने का मामला महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस के लिए एक अनसुलझी पहेली बनता जा रहा है. इस मामले की अहम कड़ी माने जाने वाले और कार के मालिक बताए जा रहे ऑटोपार्ट्स व्यापारी मनसुख हिरेन की मौत ने इसे और भी पेचीदा बना दिया है. मनसुख हिरेन संदिग्ध परिस्थितियों में ठाणे जिले के मुंब्रा खाड़ी में मृत पाए गए हैं. अब इस मामले में गहरी साजिश की आशंका जताई जा रही है. मनसुख हिरेन इस मामले में सबसे अहम और एक मात्र गवाह थे जिनकी मौत हो चुकी है. मनसुख की मौत के बाद उनके परिवार वालों ने दावा किया है कि वे आत्महत्या नहीं कर सकते. दरअसल ठाणे पुलिस ने मनसुख का शव बरामद करने के बाद इसे आत्महत्या मानकर अपनी जांच कर रही थी. परिजनों ने मनसुख की हत्या का दावा करते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. 

         आपको बता दे कि देश के प्रख्यात उद्योगपति मुकेश अंबानी मुंबई स्थित एंटीलिया निवास के पास पुलिस ने एक संदिग्ध स्कॉर्पियो कार बरामद की थी, जिसमें विस्फोटक में इस्तेमाल की जाने वाली जिलेटिन की कई छड़ें मिलने से सरकार और प्रशासन हिल गया. इस मामले में 12 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिस के हाथ खाली है. इस घटना को अंजाम देने में शामिल लोगों के बारे में कोई भी जानकारी पुलिस के हाथ नहीं लगी है. विस्फोटक बरामद होने के बाद मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी, लेकिन मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले को सुलझा पाती कि उससे पहले ही मनसुख हिरेन की मौत ने इसे और पेचीदा कर दिया है. महाराष्ट्र सरकार ने अब इस मामले की जांच एटीएस को सौंप दिया है, एटीएस ना सिर्फ अंबानी के घर के बाहर बरामद विस्फोटक से जुड़ी जांच करेगी बल्कि इस मामले में अहम कड़ी रहे स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख के संदिग्ध मौत की भी जांच करेगी. 25 फरवरी को अंबानी के घर के बाहर स्कॉर्पियो में 20 जिलेटिन छड़ें बरामद हुई थी, लेकिन 12 दिन बाद भी जांच टीम को अब तक कोई सबूत नहीं मिले हैं. उधर यह मामला जब विधानसभा में गूंजा तो दबाव में आकर इस मामले की जांच एटीएस को सौंपी गई. लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि विधानसभा में जब ये मुद्दा उठाया गया तो उसी दौरान यह खबर आई कि जिस स्कॉर्पियो गाड़ी का इस्तेमाल करके अपराधियों ने अंबानी के घर के बाहर जिलेटिन रखी थी, उस स्कॉर्पियो के मालिक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है. जब से मुकेश अंबानी के आवास के बाहर संदिग्ध स्कॉर्पियो कार मिली तब से एटीएस, एनआईए और क्राइम ब्रांच के अधिकारी मनसुख से लगातार पूछताछ कर रहे थे. आपको बता दे कि लगातार हो रही पूछताछ से परेशान होकर मनसुख ने सरकार से मदद भी मांगी थी लेकिन उन्हें  सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिली,  मनसुख के परिवार वालों ने बताया था कि 4 मार्च की रात वे तावडे नामक एक अधिकारी से मिलने के लिए घर से निकले और फिर दोबारा नहीं लौटे. 5 मार्च की दोपहर में मनसुख के परिवार को पता चला कि मुंब्रा खाड़ी में एक लाश मिली है जिसका हुलिया मनसुख से मिलता है. वहीं शव बरामद होने के बाद मनसुख का परिवार इस मामले की गहनता से जांच की मांग कर रहा है. 

          आपको बता दे कि मनसुख की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें उनके शरीर पर बाहरी घाव के निशान तो नहीं मिले हैं लेकिन मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. मनसुख की विसरा रिपोर्ट की केमिकल एनालिसिस के बाद ही मौत के कारण का पता चलेगा, लेकिन इन सबके बीच कई सवाल भी उठ रहे है. सबसे पहला और अहम सवाल है कि तावडे नामक वह अधिकारी कौन है, जिससे मिलने के लिए मनसुख घर से निकले थे ? वहीं मनसुख ने जब सुरक्षा की मांग की थी तो उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं मुहैया कराई गई ? मनसुख और इस मामले के जांच अधिकारी सचिन वजे के बीच क्या संबंध है? महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और सरकार में नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने भी सचिन वजे की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग है. ऐसे में सवाल ये भी है कि मनसुख की मौत से 2 दिन पहले ही जांच से इंस्पेक्टर सचिन वजे को क्यों हटा दिया गया ? मनसुख के चेहरे पर पांच से 6 रुमाल कहां से आए ? पालघर जिले के वसई में मनसुख की फ़ोन की लास्ट लोकेशन मिली है जिसके बाद सवाल ये भी उठ रहे हैं कि आखिर मनसुख वसई क्यों गए थे जबकि वे अपने घर से किसी तावड़े नामक अधिकारी से मिलने की बात कहकर निकले थे. ये वो सवाल हैं जिनका जवाब ना सिर्फ मनसुख का परिवार जाना चाहता है, बल्कि इस जांच में इन सवालों के जवाब मिलने से पूरे केस की गुत्थी काफी हद तक सुलझ सकती है. फ़िलहाल इस मामले की जांच एटीएस ने शुरू कर दी है और अब देखना ये होगा कि एटीएस इस अनसुलझी गुत्थी को कब तक सुलझा पाने में कामयाब होती है और मनसुख की मौत और अंबानी के घर के बाहर मिले जिलेटिन केस से आखिर कब तक पर्दा उठा पाती है ? 

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