पुणे जहरीली शराब मौत मामले में मुख्य आरोपी के अवैध आवास पर चला प्रशासन का हथौड़ा
04 Jun, 2026
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पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (पीसीएमसी) ने पुणे के फुगेवाड़ी इलाके में नकली शराब मामले में आरोपी गुरुमंगल सिंह करनैल सिंह विर्क के घर पर कार्रवाई शुरू कर दी है और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का अभियान चलाया है। नगर निगम का दावा है कि यह कार्रवाई संबंधित निर्माण के लिए वैध दस्तावेज जमा न करने के कारण की गई है।
पीसीएमसी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के आवास के दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दौरान निर्माण की वैधता पर सवाल उठे और नियमों के अनुसार नोटिस जारी किया गया। पीसीएमसी अधिकारी अन्ना बोड्डे ने बताया कि वर्ष 2000 के लिए स्लम पुनर्वास विभाग की सूची में गुरुमंगल सिंह विर्क का नाम नहीं मिला। इसी आधार पर उन्हें 2 जून को नोटिस जारी किया गया और इसकी एक प्रति संबंधित स्थानों पर भी लगाई गई।
उन्होंने आगे बताया कि आरोपी के परिवार ने नोटिस स्वीकार कर लिया था और 24 घंटे के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा करने को कहा गया था। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई दस्तावेज जमा नहीं किए गए। इसलिए, नगर निगम ने नियमों के अनुसार तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान, बड़ी संख्या में पुलिस बल और नगर निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद थे।
इस बीच, गुरुमंगल सिंह विर्क का नाम हाल ही में सामने आए नकली शराब मामले से जुड़ा है। इस मामले की जांच जारी है और प्रशासन अन्य संबंधित मामलों की भी जांच कर रहा है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड इलाकों में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत हो गई। जांच के दौरान, महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने स्पष्ट किया कि शराब में मिलाई गई मेथनॉल ही मौतों का मुख्य कारण थी।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एफडीए ने श्री रेक्स इंटरनेशनल के परिसर, वाशी, नवी मुंबई स्थित कार्यालय और भिवंडी स्थित गोदाम पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान 5,929 किलोग्राम मेथनॉल जब्त किया गया, जिसे कथित तौर पर अवैध रूप से संग्रहित किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इस खतरनाक शराब मामले की पूरी आपूर्ति श्रृंखला की जांच की जा रही है और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
पीसीएमसी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के आवास के दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दौरान निर्माण की वैधता पर सवाल उठे और नियमों के अनुसार नोटिस जारी किया गया। पीसीएमसी अधिकारी अन्ना बोड्डे ने बताया कि वर्ष 2000 के लिए स्लम पुनर्वास विभाग की सूची में गुरुमंगल सिंह विर्क का नाम नहीं मिला। इसी आधार पर उन्हें 2 जून को नोटिस जारी किया गया और इसकी एक प्रति संबंधित स्थानों पर भी लगाई गई।
उन्होंने आगे बताया कि आरोपी के परिवार ने नोटिस स्वीकार कर लिया था और 24 घंटे के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा करने को कहा गया था। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई दस्तावेज जमा नहीं किए गए। इसलिए, नगर निगम ने नियमों के अनुसार तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान, बड़ी संख्या में पुलिस बल और नगर निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद थे।
इस बीच, गुरुमंगल सिंह विर्क का नाम हाल ही में सामने आए नकली शराब मामले से जुड़ा है। इस मामले की जांच जारी है और प्रशासन अन्य संबंधित मामलों की भी जांच कर रहा है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड इलाकों में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत हो गई। जांच के दौरान, महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने स्पष्ट किया कि शराब में मिलाई गई मेथनॉल ही मौतों का मुख्य कारण थी।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एफडीए ने श्री रेक्स इंटरनेशनल के परिसर, वाशी, नवी मुंबई स्थित कार्यालय और भिवंडी स्थित गोदाम पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान 5,929 किलोग्राम मेथनॉल जब्त किया गया, जिसे कथित तौर पर अवैध रूप से संग्रहित किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इस खतरनाक शराब मामले की पूरी आपूर्ति श्रृंखला की जांच की जा रही है और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।