टीसीएस कांड वाली निदा खान के मददगार पर एक्शन, संभाजीनगर में गरजा मनपा का बुलडोजर
महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस कर्मचारी से जुड़े कथित सेक्सुअल हैरेसमेंट और धर्मांतरण मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक रंग ले लिया है। मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी मदद करने वालों पर कार्रवाई तेज की है। इसी कड़ी में एआईएमआईएम के नगरसेवक अब्दुल मतीन पटेल का नाम सामने आने के बाद नगर निगम ने उनके घर और ऑफिस पर बुलडोजर कार्रवाई की है। मतीन पटेल ने नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी में कॉर्पोरेट जिहाद मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को शरण दी थी। निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे खारिज कर दिया गया था और उसकी गिरफ्तारी होने ही वाली थी। तभी पता चला कि वह मतीन के घर में छिपी हुई है।
मतीन पटेल एमआईएम पार्टी के पार्षद हैं और निदा खान अपने परिवार के साथ मुख्य नगर निगम से दूर नारेगांव स्थित उनके घर में छिपी हुई थीं। इसके बाद मतीन पटेल के घर को गिराने का फैसला किया गया। मंगलवार को नगर निगम ने कौसर पार्क स्थित घर और नारेगांव स्थित कार्यालय पर 24 घंटे का नोटिस चिपकाया था। इसके बाद घर को गिरा दिया गया। घर की नींव इतनी कमजोर थी कि जेसीबी की टक्कर पड़ते ही पूरा घर ढह गया।
नगर निगम ने इससे पहले मतीन पटेल की संपत्तियों पर तीन दिन का नोटिस चिपकाया था। यह तीन दिन की अवधि मंगलवार को समाप्त हो गई। लेकिन मतीन ने 15 दिन का और समय मांगा था। हालांकि, नगर निगम ने यह समय देने से इनकार कर दिया और 24 घंटे के भीतर जानकारी देने को कहा। नगर निगम के अतिक्रमण विभाग ने मतीन पटेल के घर और दुकानों को अवैध बताते हुए उनके घर पर नोटिस चिपकाया था।
मतीन के वकीलों का कहना है कि नोटिस देना उचित प्रक्रिया का उल्लंघन था, क्योंकि शहर ने उन्हें जवाब देने के लिए केवल तीन दिन का समय दिया था। यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित थी। वहीं अब एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने छत्रपति संभाजी नगर में एक छोटी सी सभा आयोजित कर विरोध जताया और मतीन पटेल के लिए एक आलीशान घर बनाने का वादा किया। उन्होंने नगरपालिका की आलोचना करते हुए कहा कि कई पार्षदों के ऐसे ही अवैध निर्माण हैं, हमारे पास उनके कागजात हैं, लेकिन उन निर्माणों को ध्वस्त नहीं किया जा रहा है, सिर्फ मतीन पटेल का मकान ही ध्वस्त किया गया है।