Breaking News

21 साल में 25 बार ट्रांसफर, फिर भी नहीं झुके, IAS तुकाराम मुंडे

30 Jul, 2026 22

प्रदीप शर्मा संवाददाता/ in24 न्यूज़।

महाराष्ट्र की नौकरशाही में एक ऐसा नाम, जो अपनी ईमानदारी, सख्त प्रशासन और बेबाक फैसलों के लिए जाना जाता है। एक ऐसे आईएएस अधिकारी, जिनका 21 साल के करियर में करीब 25 बार तबादला हुआ, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों और कार्यशैली से कभी समझौता नहीं किया। जी हाँ हम बात कर रहे मौजूद एफडीए कमिशनर आईएएस तुकाराम मुंडे की। जिनका जन्म महाराष्ट्र के एक साधारण किसान परिवार में हुआ। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की और साल 2005 बैच के आईएएस अधिकारी बने। शुरू से ही उन्होंने प्रशासन में पारदर्शिता और अनुशासन को अपनी पहचान बनाया। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई जिलों और विभागों में काम किया। अवैध निर्माण, भ्रष्टाचार, सरकारी लापरवाही और नियमों की अनदेखी के खिलाफ उन्होंने सख्त कार्रवाई की। यही वजह रही कि उनका बार-बार तबादला होता रहा, लेकिन हर नई जिम्मेदारी में उन्होंने उसी ईमानदारी और सख्ती के साथ काम जारी रखा. नागपुर, पुणे और अन्य शहरों में उनके कार्यकाल के दौरान अतिक्रमण हटाने, राजस्व बढ़ाने और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई बड़े फैसले चर्चा में रहे। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने एक अनुशासित और सक्रिय प्रशासक के रूप में काम किया।

 

 तुकाराम मुंडे की जीवनशैली भी उतनी ही सादगी भरी है जितनी उनकी कार्यशैली। वे सादा जीवन, नियमित दिनचर्या, समय की पाबंदी और फिटनेस पर विशेष ध्यान देते हैं। सरकारी संसाधनों के उपयोग में भी सादगी और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उन्हें जाना जाता है। उनके समर्थकों का मानना है कि लगातार तबादलों के बावजूद उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। वहीं आलोचकों का कहना है कि उनकी कार्यशैली कई बार बेहद सख्त रही। इसके बावजूद ईमानदार और निष्पक्ष अधिकारी की उनकी छवि आज भी कायम है। कई बार तो उनकी कार्यशैली के चलते कई सत्ता के रसूखदारों से भी उनका सामना हुआ लेकिन उन्होंने अपनी कार्यशैली को नहीं छोड़ा यही कारण है कि 21 साल में करीब 25 तबादले... लेकिन न तो ईमानदारी बदली और न ही काम करने का तरीका। यही वजह है कि तुकाराम मुंडे आज भी महाराष्ट्र के सबसे चर्चित आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। और जब से उन्होंने एफडीए कमिश्नर का पदभार संभाला है उसके बाद से खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले और मिलावटखोरों के खिलाफ ऐसा सख्त अभियान छेड़ दिया है कि कहीं मिलावटी दूध पकड़ा जा रहा है, कहीं नकली घी जब्त हो रहा है, तो कहीं बड़े बड़े नामी गिनामी रेस्टोरेंट होटल और कैंटीन में ताले लग रहे हैं ---- वहीं मुंढे की यही कार्रवाई कुछ लोगों के गले की फांस बनती जा रही जिसके चलते ऐसे लोग अब मुंढे के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं तुकाराम मुंढे अपनी बेदाग ईमानदारी, सख्त प्रशासनिक शैली और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के कारण देश के प्रशासनिक गलियारों में एक मिसाल बन चुके हैं.

अन्य खबरे