ओडिशा के रायगढ़ सरकारी स्कूल में रैगिंग का मामला सामने आया, शिकायत पर 9वीं के छात्रों ने की जूनियर की पिटाई
ओडिशा के रायगढ़ जिले से एक बेहद शर्मनाक खबर सामने आई है। यहां एक सरकारी आवासीय स्कूल के हॉस्टल में सीनियर छात्रों ने जूनियर 9वीं कक्षा के छात्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की मामला तब सामने आया जब पीड़ित छात्रों ने हिम्मत करके हॉस्टल वार्डन से रैगिंग की शिकायत की। शिकायत के बाद गुस्साए सीनियर्स ने रात में कमरे में घुसकर 4 छात्रों को लात-घूसों और बेल्ट से पीटा घटना के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 5 सीनियर छात्रों को हिरासत में ले लिया है। स्कूल प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ने मामले की जांच शुरू कर दी है
पूरा मामला क्या है - कैसे शुरू हुई रैगिंग।
रायगढ़ जिले का यह सरकारी स्कूल आदिवासी बच्चों के लिए चलाया जाता है। हॉस्टल में 6वीं से 10वीं तक के करीब 200 छात्र रहते हैं पीड़ित छात्रों के अनुसार पिछले 2 महीने से कुछ 10वीं और 12वीं के सीनियर उनसे पैसे मांगते थे, जूते साफ करवाते थे और गाली देते थे। मना करने पर मारपीट की धमकी देते थे 3 अगस्त की रात 9वीं के 4 छात्रों ने हिम्मत करके वार्डन को सब बता दिया। वार्डन ने सीनियर्स को चेतावनी दी। इसी बात से नाराज होकर 4 अगस्त की रात 12 बजे 5 सीनियर छात्रों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर पीड़ितों की पिटाई कर दी। बच्चों के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं।
पुलिस कार्रवाई - 5 छात्र हिरासत में, मामला दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही रायगढ़ पुलिस और बाल कल्याण समिति की टीम स्कूल पहुंची
पुलिस ने क्या किया:
1. 5 आरोपी छात्र हिरासत में: सभी 10वीं और 12वीं के हैं। उम्र 16 से 18 साल के बीच।
2. आईपीसी और जेजे एक्ट में एफआईआर : मारपीट, धमकी और नाबालिगों के साथ क्रूरता की धाराएं लगी हैं।
3. मेडिकल जांच: पीड़ित 4 छात्रों का सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया गया। 2 छात्रों को हल्की चोटें आई हैं।
4. जांच जारी: पुलिस हॉस्पिटल के सीसीटीवी और बाकी छात्रों के बयान ले रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों को बाल न्यायालय में पेश किया जाएगा।
स्कूल प्रशासन और जिला कलेक्टर का बयान
स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा "हमें घटना की जानकारी देर से मिली। हमने तुरंत पुलिस को सूचित किया और आरोपी छात्रों को हॉस्टल से निलंबित कर दिया है रायगढ़ के जिला कलेक्टर ने स्कूल का दौरा किया। उन्होंने कहा "यह बहुत गंभीर मामला है। हॉस्टल में वार्डन की ड्यूटी 24 घंटे लगेगी। सीसीटीवी कैमरे बढ़ाए जाएंगे और हर हफ्ते काउंसलिंग होगी शिक्षा विभाग ने पूरे ओडिशा के सभी सरकारी हॉस्टलों में सुरक्षा ऑडिट के आदेश दे दिए हैं।
रैगिंग क्या होती है - विशेषज्ञों की राय
बाल मनोवैज्ञानिक डॉ. सुमित्रा पटनायक के अनुसार हॉस्टल में रैगिंग की 3 मुख्य वजह है
1. दबदबा दिखाना: सीनियर जूनियर पर अपना रौब जमाना चाहते हैं।
2. पर्यवेक्षण की कमी: रात में वार्डन न होने से बच्चे मनमानी करते हैं।
3. घर की पृष्ठभूमि: कई बच्चे खुद घर में हिंसा देखकर आए होते हैं।
उन्होंने कहा अगर समय पर शिकायत सुनी जाती तो मारपीट की नौबत नहीं आती। बच्चों को शिकायत करने के लिए सुरक्षित माहौल देना जरूरी है
रैगिंग रोकथाम कानून क्या कहता है
भारत में रैगिंग को रोकने के लिए यूजीसी रैगिंग निषेध अधिनियम 2009 और ओडिशा शैक्षणिक संस्थान रैगिंग निषेध अधिनियम 1999 लागू है।
सजा का प्रावधान:
- 2 साल तक जेल
- 50 हजार तक जुर्माना
- स्कूल से निष्कासन
- सरकारी नौकरी में बैन
सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि हर स्कूल में एंटी रैगिंग कमेटी और हेल्पलाइन नंबर होना अनिवार्य है।