शनि शिंगणापुर मंदिर से 167 कर्मचारी बर्खास्त, 114 मुस्लिम कर्मचारी शामिल – ट्रस्ट ने बताया कारण !
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध शनि शिंगणापुर मंदिर में एक बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर ट्रस्ट ने कुल 167 कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया है। इनमें 114 कर्मचारी मुस्लिम समुदाय से हैं। ट्रस्ट ने इस फैसले के पीछे अनुशासनहीनता और अनियमितताओं को कारण बताया है।
लंबे समय से अनुपस्थित थे कर्मचारी
ट्रस्ट के अनुसार, कई कर्मचारी पिछले 5 महीनों से बिना सूचना के गैरहाज़िर थे। यह कार्रवाई विशेष रूप से कृषि, कचरा प्रबंधन और शिक्षा विभागों में कार्यरत कर्मचारियों पर की गई है। ट्रस्ट का कहना है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कर्मचारियों ने ड्यूटी पर लौटने की जिम्मेदारी नहीं निभाई, जिसके चलते यह कठोर निर्णय लेना पड़ा।
तुषार भोसले ने फैसले को ‘सकल हिंदू समाज की जीत’ बताया
BJP के आध्यात्मिक समन्वय मोर्चा के प्रमुख आचार्य तुषार भोसले ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे "शनि भक्तों और सकल हिंदू समाज की विजय" बताया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम कर्मचारियों की नियुक्ति के विरोध में 14 जून को आंदोलन का ऐलान किया गया था। आंदोलन से ठीक एक दिन पहले ट्रस्ट की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिससे इस कार्रवाई के पीछे धार्मिक और राजनीतिक दबाव की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
ट्रस्ट ने धर्म आधारित भेदभाव से किया इनकार
ट्रस्टी अप्पासाहेब शेटे ने मीडिया को बताया कि यह निर्णय कर्मचारियों के धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी कार्य प्रणाली, उपस्थिति और नियमों की अनदेखी के आधार पर लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी को पहले से चेतावनी दी गई थी।