मेट्रो-3 की राह है चुनौतीपूर्ण !
मुंबई मेट्रो की तीसरी परियोजना का निर्माण कार्य काफी आधुनिक होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण राहों से गुजरने वाली मेट्रो नेटवर्क है। आपको बता दें कि यह मेट्रो लाइन 33 किलोमीटर तक फैली है और इसकी खासियत है कि यह काफी चुनौतीपूर्ण रास्तों से गुज़रेगी जिसमे मीठी नदी के भीतर का इलाका ,आज़ाद मैदान और अन्य स्थान शामिल है।
गौरतलब है कि धारावी और बांद्रा-कुर्ला के बीच मीठी नदी का 1.4 किलोमीटर का लंबा हिस्सा और इन दो स्थानों पर धारावी और बीकेसी मेट्रो स्टेशन को जोड़ने के लिए मीठी नदी के नीचे एक टनल बनाया जाएगा। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) परियोजना के निर्देशक एस.के.गुप्ता ने बताया कि मेट्रो-3 का सफर धारावी और बीकेसी के बीच मीठी नदी के नीचे बने टनल से गुजरेगी।
नदी के नीचे तीन टनल बनाने का प्लान है ,इसमें 2 टनल नेटम तकनीक से बनाई जाएगी जबकि एक टनल टीबीएम तकनीक से। आपको बता दें कि नेटम तकनीक से खुदाई का काम मैन्युअल तरीके से किया जाता है।
टनल बनाते समय आने वाली दिकत्तों के बारें में गुप्ता ने बताया कि ," टनल बनाते समय जमीन के 5 मीटर आगे की स्थिति के बारे में जानकारी नहीं होती है ऐसे में जमीन दलदली है या फिर चट्टानयुक्त, यह पता लगा पाना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि जमीन दलदली है और सुरंग बनाई जाती है, तो उसकी पकड़ मजबूत नहीं होगी।