सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को जीवन रेखा देना प्राथमिक कर्तव्य : सीतारमण
संवाददाता/in24 न्यूज़.
आज जिस तरह मंदी की मार चल रही है और जिस तरह बैंक से लोगों का भरोसा उठने लगा है, ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात को महत्त्व दिया है कि सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को जीवन रेखा देनाप्राथमिक कर्तव्य है. गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के दौर में भारतीय बैंकों की हालत ज्यादा ख़राब थी. मंगलवार को प्रतिष्ठित कोलंबिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स में एक व्याख्यान देते हुए सीतारमण ने कहा कि सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को जीवन रेखा देना उनका प्राथमिक कर्तव्य है. सीतारमण ने दीपक और नीरा राज द्वारा कोलंबिया विश्वविद्यालय की भारतीय आर्थिक नीतियों पर आयोजित द्वारा आयोजित व्याख्यान में कहा कि मैं प्रतिक्रिया देने के लिए एक मिनट ले रही हूं. मैं रघुराम राजन का एक स्कॉलर के रूप में सम्मान करती हूं, जो ऐसे समय में केंद्रीय बैंक के गवर्नर के रूप में चुने गए थे, जब भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह से गतिमान थी. ब्राउन विश्वविद्यालय में हाल ही में एक व्याख्यान में राजन ने कहा था कि अपने पहले कार्यकाल में नरेंद्र मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था पर बेहतर काम नहीं किया था, क्योंकि सरकार अत्यंत केंद्रीकृत थी और नेतृत्व के अनुरूप प्रतीत नहीं होती थी. निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब राजन रिजर्व बैंक के गवर्नर थे, तब बैंकों द्वारा क्रोनी लीडर्स के फोन कॉल्स पर लोन दिया जाता था.