खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम
संवाददाता/in24 न्यूज़.
खुदरा और थोक व्यापारियों के हित में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को खुदरा एवं थोक कारोबार को एमएसएमई श्रेणी में शामिल करने की घोषणा की। गडकरी ने एमएसएमई की नियमावली को संशोधित करने और इसमें खुदरा तथा थोक कारोबार को शामिल करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार छोटे उद्योगों को सुदृढ़ करने और उन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का इंजन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संशोधित नियमावली से तकरीबन ढाई करोड़ खुदरा और थोक कारोबारियों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि एसएमएसई की श्रेणी से खुदरा और थोक कारोबारी बाहर रह गये थे जिन्हें शामिल कर लिया गया है। अब ये कारोबारी स्वयं को उद्यम पंजीकराण पोर्टल पर पंजीकृत करा सकेंगे और सभी लाभ ले सकेंगे। खुदरा व्यापार को एमसएसमई के दायरे में लाने पर ट्रेडर्स की संस्था कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा है कि यह देश के व्यापारियों के लिए बड़ा और ऐतिहासिक कदम है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि हम पिछले एक साल से अधिक समय से लगातार इस मुद्दे को उठा रहे थे और कई स्तरों पर सरकार के साथ बातचीत कर रहे थे। सरकार के इस फैसले से देश के करोड़ों छोटे कारोबारियों को फायदा होगा। इस फैसले से व्यापारी एमएसएमई कैटेगरी के अंतर्गत आएंगे और प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस से ले सकेंगे। इसके अलावा, व्यापारी सरकार की अन्य दूसरी स्कीम्स का भी लाभ उठा सकेंगे, जिनका फायदा एमएसएमई सेक्टर को मिल रहा है। कैट का कहना है कि देश के व्यापारिक समुदाय करीब 40 करोड़ लोगों को रोजगार मुहैया करा रहा है और करीब 115 लाख करोड़ का सालाना कारोबार कर रहा है। बता दें कि सरकार के इस कदम से व्यापारियों में उत्साह का माहौल है।