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जयपुर में पीएम मोदी ने किया पत्रिका गेट का वर्चुअल लोकार्पण

08 Sep, 2020 684

संवाददाता/in24 न्यूज़.
जयपुर में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वर्चुअल कार्यक्रम के जरिये पत्रिका गेट का वर्चुअल लोकार्पण किया. इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्यपाल कलराज मिश्रा भी उपस्थित रहे. पत्रिका गेट का लोकार्पण करते हुए पीएम मोदी ने पत्रिका समूह के प्रधान संपादक  गुलाब कोठारी द्वारा रचित ग्रंथों संवाद उपनिषद और अक्षर यात्रा के लिए उन्हें बधाई दी. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पत्रिका अख़बार जहां सुबह-सुबह लोगों के घर के दरवाजे खोलता है वहीं लोगों के मन के दरवाजे भी खोलता है. पीएम मोदी ने कहा कि आज मुझे राजस्थान की संस्कृति को प्रतिबिंबित करने वाले पत्रिका गेट को समर्पित करने का अवसर मिला. ये स्थानीय निवासियों के साथ ही वहां आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा. पीएम मोदी ने पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी द्वारा लिखे दो ग्रंथों सम्वाद उपनिषद और अक्षर यात्रा का भी विमोचन किया. गुलाब कोठारी द्वारा लिखे ग्रंथों का विमोचन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अक्षर हमारी भाषा की, हमारी अभिव्यक्ति की पहली इकाई होती है, संस्कृत में अक्षर का अर्थ है, जिसका क्षरण न हो, यानि जो हमेशा रहे. विचार की यही शक्ति है, सामर्थ्य है. हजारों साल पहले जो विचार, जो ज्ञान किसी ऋषि, वैज्ञानिक ने हमें दिया, वो आज भी संसार को आगे बढ़ा रहा है. किसी भी समाज में समाज का प्रबुद्ध वर्ग, समाज के लेखक या साहित्यकार ये पथप्रदर्शक की तरह होते हैं, समाज के शिक्षक होते हैं. स्कूली शिक्षा तो खत्म हो जाती है, लेकिन हमारे सीखने की प्रक्रिया पूरी उम्र चलती है, हर दिन चलती है. इसमें बड़ी अहम भूमिका पुस्तकों और लेखकों की भी है. इस दौरान पीएम मोदी ने राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चंद्र कुलिश को भी याद किया और कहा कि कुलिश जी ने वेदों के ज्ञान को जिस तरह से सरल तरीके से समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया वह सचमुच में अद्भुत है. पीएम ने कहा कुलिश जी कहते थे कि पत्रकारिता सकारात्मकता से ही सार्थकता तक पहुंचती है. उन्होंने कहा कुलिश जी की सोच और संकल्प को पत्रिका समूह और गुलाब कोठारी जी निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी ने गुलाब कोठारी के लोकसभा चुनावों के बाद लिखे एक संपादकीय को भी याद किया. गुलाब कोठारी द्वारा लिखिति ग्रंथ संवाद उपनिषद में वेद विज्ञान को आधार बनाकर संवाद की महत्वपूर्ण विधा पर विचार प्रस्तुत किये गए हैं. ग्रंथ में संप्रेषण को आत्मा का धर्म बताया गया है. ग्रंथ में ऋषि प्राण, पितृ ऋण, योषा वृषा, पुरुष-प्रकृति, शरीर मन-बुद्धि -आत्मा, अग्नि सोम, अव्यय यम आदि विषयों की विशद व्याख्या की गई है. जबकि अक्षर यात्रा ग्रन्थ, दो भागों और 1300 पृष्ठों में शब्दों, उनके अर्थों, संदेशों को गुरु शिष्य संवाद शैली में प्रस्तुत करता है. बता दें कि आज के दौर में पत्रिका गेट का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसमें आत्मा को धर्म बताया गया है.

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