अंडमान में पवन हंस के हेलिकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग, हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित
पवन हंस के एक हेलीकॉप्टर को अंडमान क्षेत्र में उड़ान के दौरान तकनीकी कारणों से समुद्र में इमरजेंसी क्रैश लैंडिंग करनी पड़ी। यह घटना अंडमान सागर में हुई, जहां पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित रूप से पानी पर उतारा। हेलीकॉप्टर में सवार सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और सभी सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों और यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया। खबरों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहा था। पायलट को उड़ान भरने के बाद ही तकनीकी खराबी का पता चला। इसलिए उनके पास समुद्र में क्रैश लैंडिंग का विकल्प था। पवन हंस के प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई। हेलीकॉप्टर कुछ ही समय में समुद्र में उतर गया। यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को मामूली चोटें आईं। किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई।
पवन हंस देश की सबसे बड़ी सरकारी हेलीकॉप्टर कंपनी है। इनके हेलीकॉप्टरों का उपयोग दूरदराज के क्षेत्रों की यात्रा के लिए किया जाता है। यहां तक कि प्रमुख राजनेता भी पवन हंस की सेवाओं का उपयोग करते हैं। इस कंपनी की स्थापना 1985 में हुई थी। इनका मुख्य उद्देश्य देश भर के दूरस्थ क्षेत्रों को आपस में जोड़ना है।
इस बीच, सोमवार को झारखंड के चतरा में एक एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। एयर एम्बुलेंस 41 वर्षीय संजय कुमार को आगे के इलाज के लिए रांची से दिल्ली ले जा रही थी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, एयर एम्बुलेंस ने शाम 7:11 बजे रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। इसके बाद, शाम 7:34 बजे अचानक इसका वायु यातायात नियंत्रण (एटीसी) से संपर्क टूट गया। विमान चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के करमाटांड गांव के पास एक जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना का सटीक कारण फिलहाल अज्ञात है। दुर्घटना के कारणों का आधिकारिक विवरण विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।